झनकपुर में कलेक्टर संजय कन्नौजे ने डेयरी संचालन का लिया प्रत्यक्ष अनुभव, ग्रामीण उद्यमिता को दी नई दिशा

सारंगढ़: कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने ग्राम झनकपुर का दौरा कर स्थानीय पशुपालक परिवार के डेयरी व्यवसाय का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य मनोरमा नायक और किसान जीवनलाल नायक के प्रयासों को सराहा। निरीक्षण के दौरान वे सीधे घर पहुंचकर बाड़े में रखी पाँच उच्च नस्ल की एचएफ (जर्सी) गायों तथा उनके बछड़ों की देखभाल व्यवस्था से रूबरू हुए।
निरीक्षण के समय डेयरी परिसर में पशुओं के लिए बिजली कनेक्शन, चारा कुट्टी मशीन, खली और दाना-पानी की पर्याप्त व्यवस्था, बैठने हेतु सीटें, सफाई के लिए पानी की टंकी, दूध निकालने की स्वचालित मशीन और गोबर गैस संयंत्र जैसी आधुनिक सुविधाएँ मौजूद थीं। कलेक्टर ने इन व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल ग्रामीण आजीविका को मज़बूत करने के साथ अन्य लोगों को भी प्रेरित करती है। उन्होंने किसानों से गौसेवा के महत्व को और विस्तार देने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर एसडीएम वर्षा बंसल तथा जनपद पंचायत बरमकेला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजय पटेल भी मौजूद रहे। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि झनकपुर और विक्रमपाली में शत-प्रतिशत कृत्रिम गर्भाधान पद्धति से नस्ल सुधार का कार्य किया जा रहा है। इसी कारण इस डेयरी की एक गाय से अब तक पाँच बछड़े जन्म ले चुके हैं।
पशुपालक परिवार प्रतिदिन लगभग पचास लीटर दूध गांव में बेचता है। इससे होने वाली आमदनी से वे अपनी बेटी की दिल्ली में उच्चस्तरीय कोचिंग की पढ़ाई करवा रहे हैं। इस प्रयास ने न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है बल्कि ग्रामीणों के लिए यह एक प्रेरक उदाहरण भी बन गया है।



