अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अराजकता नहीं” — प्रेस रिपोर्टर क्लब का सख्त संदेश

बालोद।:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में प्रेस रिपोर्टर क्लब छत्तीसगढ़ ने सोशल मीडिया पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी को गंभीर अपराध करार देते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ अराजकता नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपते हुए कहा कि पत्रकार संगठन की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास अस्वीकार्य है।उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप में की गई बोधन भट्ट (बहुरूबिया) पिता स्व गैंद ग्राम मालीघोरी थाना बालोद द्वारा की गई टिप्पणी से संगठन के पदाधिकारियों की छवि प्रभावित हुई है और इससे पत्रकार समाज में रोष व्याप्त है। संगठन ने निर्णय लिया है कि प्रदेशभर में संबंधित थानों में शिकायत दर्ज कराई जाएगी, ताकि ऐसे मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।संजय सोनी ने दो टूक कहा कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर झूठे और अपमानजनक आरोप लगाता है, तो उसे न्यायालय में अपने कथनों का उत्तर देना होगा। कानून सबके लिए समान है और किसी को भी सोशल मीडिया के माध्यम से चरित्र हनन का अधिकार नहीं है।पुलिस उप अधीक्षक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि तथ्यों के आधार पर जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। संगठन ने कहा कि वह पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखेगा और पत्रकारों की गरिमा की रक्षा के लिए हर वैधानिक कदम उठाएगा।प्रदेश संरक्षक शिव शंकर एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष राजेश चौथवानी सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक प्रकरण की नहीं, बल्कि पत्रकार सम्मान की है। संगठन भविष्य में भी इस प्रकार की किसी भी घटना के विरुद्ध मजबूती से खड़ा रहेगा।



