सड़कों पर सख्ती का पहरा: सुरक्षा के लिए दुर्ग यातायात पुलिस का बड़ा अभियान

रिर्पोट:- गोपाल निर्मलकर
दुर्ग:- छत्तीसगढ़ के जिला दुर्ग में आम नागरिकों की सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था को अनुशासित बनाने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस द्वारा जिले में व्यापक वाहन जांच अभियान तेज़ी से संचालित किया जा रहा है। दिनांक 01 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस विशेष अभियान के अंतर्गत दुर्ग के पांच प्रमुख चौक-चौराहों पर सघन जांच व्यवस्था लागू की गई है, जिससे नियम तोड़ने वालों में स्पष्ट रूप से भय और जिम्मेदार नागरिकों में भरोसा देखने को मिल रहा है।
अभियान के दौरान हेलमेट नहीं पहनने, सीट बेल्ट का उपयोग न करने, ट्रिपल सवारी, तेज गति, गलत दिशा में वाहन संचालन, नो-पार्किंग उल्लंघन तथा अन्य यातायात नियमों के प्रति विशेष निगरानी रखी जा रही है। पिछले 13 दिनों में कुल 2952 वाहन चालकों पर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई, जो दर्शाता है कि नियमों की अनदेखी कितनी व्यापक थी। इनमें से 1613 वाहन चालकों को बिना हेलमेट वाहन चलाने पर ई-चालान जारी किया गया।यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चालान जारी होने के बाद निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं करने वाले वाहन चालकों को विधिसम्मत नोटिस भेजे जा रहे हैं। यदि इसके बाद भी भुगतान नहीं किया जाता, तो संबंधित प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे यह संदेश साफ है कि नियम तोड़ना अब महंगा ही नहीं, कानूनी रूप से जोखिम भरा भी साबित होगा।
14 फरवरी 2026 को प्राप्त जनशिकायत के आधार पर पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले एक मॉडिफाइड साइलेंसर लगे बुलेट वाहन क्रमांक CG 07 CY 4558 को रोककर जांच की। वाहन चालक कमल कुमार रजक, निवासी हाटरी बाजार, दुर्ग के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 182(ए) के अंतर्गत 5000 रुपये का चालान किया गया। साथ ही अवैध रूप से लगाया गया साइलेंसर जप्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि अब सड़कों पर दिखावा नहीं, कानून चलेगा।इस पूरे अभियान में यातायात पुलिस की विशेष जांच टीम, ई-चालान प्रकोष्ठ तथा ड्यूटी में तैनात आरक्षकों की लगातार सक्रिय भूमिका रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने के लिए चलाया जा रहा है।दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करें, वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन न कराएं तथा यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करें। चेतावनी भी साफ है—नियमों की अनदेखी करने वालों पर लगातार कड़ी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि सुरक्षित सड़क ही सुरक्षित समाज की पहचान है।



