आस्था का महाकुंभ ग्राम कलडबरी भक्ति की सुरलहरियों में डूबा

संपादक मीनू साहू
रिपोर्टर:- उत्तम साहू
राजनांदगांव:- छत्तीसगढ़ के जिला राजनांदगांव में छुरिया ब्लॉक के ग्राम पंचायत कलडबरी की पावन धरा इस समय अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है। श्रीमद देवी भागवत महापुराण कथा का दिव्य आयोजन पूरे क्षेत्र को भक्ति, संगीत और श्रद्धा के अनोखे संगम में बदल चुका है। शीतला मंदिर प्रांगण में हर दिन गूंज रही मधुर धुनें और मंत्रोच्चार वातावरण को अलौकिक बना रहे हैं।कथा वाचक अध्यात्मिक और शास्त्र के जानकार प. कामता प्रसाद तिवारी (अरज कुंड वाले)अपनी ओजपूर्ण वाणी और भावपूर्ण शैली से श्रोताओं के हृदय में भक्ति की ज्योति प्रज्वलित कर रहे हैं। उनके शब्द केवल कथा नहीं सुनाते, बल्कि हर व्यक्ति के अंतर्मन को स्पर्श करते हुए उसे धर्म, संस्कार और आत्मचिंतन की ओर अग्रसर करते हैं। जब उनके मुख से देवी महिमा का वर्णन निकलता है, तो पूरा पंडाल “जय माता दी” के जयकारों से गूंज उठता है।इस आयोजन की खास बात यह है कि यहां कथा केवल सुनाई नहीं जा रही, बल्कि उसे छत्तीसगढ के प्रसिद्ध संगीतकार ओम प्रकाश यादव द्वारा गीत-संगीत के माध्यम से जीवंत किया जा रहा है। भजन, कीर्तन और मधुर धुनों के साथ जब कथा आगे बढ़ती है, तो हर श्रद्धालु खुद को उस दिव्य संसार का हिस्सा महसूस करता है। ढोल, मंजीरा और हारमोनियम की ताल पर भक्ति रस की गंगा निरंतर प्रवाहित हो रही है।हर दिन अलग-अलग प्रसंगों के माध्यम से माँ शक्ति के विविध रूपों का भावपूर्ण चित्रण किया जा रहा है। श्रद्धालु केवल दर्शक नहीं, बल्कि इस आध्यात्मिक यात्रा के सहभागी बन रहे हैं। यहाँ उपस्थित हर व्यक्ति के चेहरे पर शांति, संतोष और आस्था की चमक स्पष्ट दिखाई देती है।यह महापर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है। परिवार, युवा, बुजुर्ग—सभी एक साथ बैठकर भक्ति में लीन हैं, जिससे सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता को नई मजबूती मिल रही है।आइए, इस पावन अवसर का हिस्सा बनें, भक्ति के सुरों में खुद को खो दें और माँ जगदंबा की कृपा से अपने जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भर दें। यही इस दिव्य आयोजन की असली पहचान है—भक्ति, संगीत और आत्मिक जागरण का अद्भुत संगम।



