हमर छत्तीसगढ़

जिला बालोद में ग्राम निपानी के नाचा गम्मत महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, लोक संस्कृति की रंगीन झलक”

 

संपादक :- मीनू साहू

बालोद:- छत्तीसगढ़ में जिला बालोद के ग्रामीण अंचल में जन सहयोग से ग्राम पंचायत निपानी में आयोजित नाचा गम्मत महोत्सव की  तस्वीरों में लोक संस्कृति की जीवंत और आकर्षक झलक साफ दिखाई देती है। बड़ी संख्या में ग्रामीण, खासकर महिलाएं, रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में कार्यक्रम का आनंद लेने के लिए एकत्रित हुई हैं। जमीन पर पंक्तिबद्ध बैठी महिलाएं पूरे मनोयोग से मंच की ओर निहार रही हैं, जिससे इस आयोजन के प्रति उनकी उत्सुकता और जुड़ाव स्पष्ट झलकता है। यह भी दर्शाता है कि गांवों में आज भी लोक कलाओं के प्रति गहरा सम्मान और लगाव मौजूद है।

दूसरी ओर मंच पर चल रहा कार्यक्रम इस महोत्सव की खास पहचान को उजागर करता है। कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में नाचा गम्मत की प्रस्तुति दे रहे हैं, जिसमें हास्य, व्यंग्य और सामाजिक संदेश का अनोखा संगम देखने को मिलता है। महिला कलाकार लाल साड़ी में सजी-धजी नजर आ रही हैं, जबकि पुरुष कलाकार संवाद और गायन के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। पीछे बैठे वादक ढोलक, हारमोनियम और अन्य वाद्य यंत्रों के जरिए माहौल को और भी जीवंत बना रहे हैं।

मंच के पीछे बैठे रजीत चक्रधारी प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश स्तरीय नाचा गम्मत लोक कलाकार कल्याण संघ ने बताया कि यह तीन दिवसीय राज्य स्तरीय नाचा गम्मत महोत्सव है, जिसका आयोजन 1, 2 और 3 मई 2026 को किया गया है। इस तरह के आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम होते हैं, बल्कि स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी प्रदान करते हैं। साथ ही यह परंपराओं को जीवित रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनते हैं।

इन तस्वीरों में दर्शकों की भीड़ और मंच की हलचल यह साबित करती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आज भी लोगों के जीवन का अहम हिस्सा हैं। यहां लोग अपनी रोजमर्रा की व्यस्तता से समय निकालकर ऐसे आयोजनों में शामिल होते हैं और सामूहिक रूप से अपनी संस्कृति का उत्सव मनाते हैं।

कुल मिलाकर, यह महोत्सव न केवल मनोरंजन का केंद्र बना, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक पहचान और लोक कला के संरक्षण का भी प्रतीक बनकर उभरा है।

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