खेलहमर छत्तीसगढ़

विभिन्न राज्यों से लगभग 200 खिलाड़ी अपनी ताकत, तकनीक और जज्बे का प्रदर्शन करेंगे।

 

संपादक मीनू साहू 

बालोद :- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की लौह नगरी दल्ली राजहरा को यदि खिलाड़ियों की नगरी कहा जाए तो यह किसी भी दृष्टि से अतिशयोक्ति नहीं होगी। इस धरती ने खेल जगत में जो कीर्तिमान स्थापित किए हैं, वे पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। 30 स्टेट एवं 11 नेशनल चैंपियनशिप जैसे गौरवशाली आयोजनों के माध्यम से दल्ली राजहरा ने भारतीय खेल इतिहास में अपनी अलग पहचान दर्ज कराई है।इस स्वर्णिम उपलब्धि के पीछे वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से सम्मानित खेल गुरु हरिनाथ का अथक समर्पण, संघर्ष और अनुकरणीय योगदान रहा है। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर, आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली बच्चों, युवाओं तथा बालिकाओं को खेल प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। उनके मार्गदर्शन में अनेक खिलाड़ियों ने देश के विभिन्न राज्यों में पदक जीतकर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया और सफलता के नए अध्याय लिखे।हरिनाथ की इसी असाधारण सेवाभावना और खेल विकास में उल्लेखनीय भूमिका को देखते हुए तत्कालीन सरकार ने उन्हें वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया। आज उनके प्रयासों का परिणाम है कि दल्ली राजहरा खेल प्रतिभाओं की एक सशक्त नर्सरी के रूप में स्थापित हो चुका है।इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 19 से 21 जून तक ब्राह्मण समाज भवन, दल्ली राजहरा में तृतीय वेस्टर्न इंडिया स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैम्पियनशिप का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत के विभिन्न राज्यों से लगभग 200 खिलाड़ी अपनी ताकत, तकनीक और जज्बे का प्रदर्शन करेंगे प्रतियोगिता का शुभारंभ भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख, भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लुनिया, नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू, नगर पालिका उपाध्यक्ष पिंटू दुबे तथा मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू के करकमलों से होगा।यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवा शक्ति, अनुशासन, परिश्रम और खेल संस्कृति का विराट उत्सव है, जो दल्ली राजहरा की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने जा रहा है। खेल प्रेमियों की निगाहें अब इस ऐतिहासिक चैम्पियनशिप पर टिकी हुई हैं।

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