रामू धनकर के औरी-धमना-बासीन चौक के कबाड़ व्यवसाय को लेकर, प्रशासन से हस्तक्षेप की अपेक्षा

संपादक :- मीनू साहू
दुर्ग:- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में औरी-धमना-बासीन मार्ग क्षेत्र में संचालित एक कबाड़ व्यवसाय को लेकर स्थानीय नागरिकों के बीच अनेक सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार का कबाड़ क्रय-विक्रय अथवा भंडारण कार्य किया जा रहा है, तो उसके लिए निर्धारित वैधानिक अनुमति, पंजीयन और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित होना चाहिए। ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए।
क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि उक्त व्यवसाय का संचालन रामू धनकर द्वारा किया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि सक्षम विभागों द्वारा किया जाना अभी शेष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सभी नियमों का पालन किया जा रहा है तो प्रशासन को स्पष्ट जानकारी जारी करनी चाहिए, वहीं किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि कबाड़ व्यवसाय संवेदनशील श्रेणी में माना जाता है, क्योंकि इसमें चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त, बिना रिकॉर्ड सामग्री का संग्रहण, राजस्व नियमों की अनदेखी अथवा अन्य अनियमितताओं की आशंका को लेकर समय-समय पर प्रशासनिक निगरानी आवश्यक मानी जाती है। ऐसे में संबंधित प्रतिष्ठान के दस्तावेज, खरीद-बिक्री रजिस्टर, कर संबंधी अभिलेख तथा विभागीय अनुमतियों की जांच की मांग उठ रही है।
कानूनी जानकारों के अनुसार यदि किसी व्यवसाय का संचालन आवश्यक अनुमति, पंजीयन या वैधानिक प्रक्रियाओं के बिना किया जाता है, तो संबंधित विभाग नोटिस जारी कर जांच कर सकते हैं। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण, प्रतिष्ठान सील करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि चोरी की संपत्ति की खरीद-फरोख्त या अन्य आपराधिक गतिविधि के प्रमाण मिलते हैं, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा अन्य लागू कानूनों के तहत आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया जा सकता है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, राजस्व अमले तथा संबंधित निकायों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। लोगों का मानना है कि पारदर्शी कार्रवाई से कानून के प्रति विश्वास मजबूत होगा तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की संभावित अनियमितता पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।



