खराब परीक्षा परिणाम और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव, मधुलिका तिवारी व हिमांशु मिश्रा हटे।

संपादक :- मीनू साहू
बालोद:- छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी नवीन प्रशासनिक आदेश के तहत बालोद जिले में लंबे समय से चर्चा और विवादों के केंद्र रहे जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी तथा डौंडीलोहारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी हिमांशु मिश्रा का तबादला कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद शैक्षणिक क्षेत्र में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और कर्मचारी वर्ग इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देख रहा है।
पिछले कुछ समय से जिले में बोर्ड परीक्षाओं के कमजोर प्रदर्शन को लेकर सवाल उठते रहे थे। अपेक्षित सफलता नहीं मिलने से अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में नाराजगी देखी गई। इसके साथ ही कार्यालयीन कार्यप्रणाली को लेकर भी विभिन्न स्तरों पर शिकायतें सामने आती रहीं। कई कर्मचारियों ने व्यवस्थागत कमियों, अनावश्यक विलंब और कार्य निष्पादन में कठिनाइयों का मुद्दा उठाया था।
शिक्षक समुदाय के बीच यह धारणा लगातार मजबूत होती गई कि व्यवस्था में अपेक्षित संवेदनशीलता और निष्पक्षता का अभाव है। आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जटिलता बढ़ने से विद्यालयी कार्य भी प्रभावित हो रहे थे। कई मौकों पर कर्मचारियों ने जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों से बेहतर समन्वय, सरल प्रक्रिया और समयबद्ध निर्णय की मांग की थी।
डौंडीलोहारा क्षेत्र में भी कार्यशैली को लेकर असंतोष की आवाजें सुनाई देती रही थीं। स्थानीय स्तर पर पदस्थ शिक्षकों का मानना था कि शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के बजाय विभिन्न कार्यालयी समस्याओं में अधिक समय व्यतीत हो रहा है।
इसका असर विद्यार्थियों के हितों और अध्ययन-अध्यापन की गुणवत्ता पर पड़ने की आशंका व्यक्त की जाती रही।हालांकि भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की पुष्टि केवल सक्षम जांच एजेंसियों अथवा वैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से ही मानी जाती है, लेकिन लगातार उठ रहे सवालों, खराब परीक्षा परिणामों और बढ़ते असंतोष के बीच हुए इस प्रशासनिक फेरबदल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई पदस्थापनाओं के बाद अब सभी की निगाहें आगामी कार्यप्रणाली पर टिकी हैं। शिक्षा जगत से जुड़े लोग उम्मीद जता रहे हैं कि आने वाले समय में जवाबदेही, सुशासन, पारदर्शी व्यवस्था तथा बेहतर शैक्षणिक परिणामों की दिशा में ठोस पहल देखने को मिलेगी।



