धमतरी से दिल दहला देने वाली वारदात बुजुर्ग को है पीटा

बालोद:- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को कटघरे में खड़ा कर दिया है। थाना अर्जुनी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोटियाडीह में 29 जनवरी 2026 को घटित यह मामला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनाओं पर किया गया प्रहार है।तस्वीर में दिखाई दे रहा वृद्ध चेहरा किसी अपराधी का नहीं, बल्कि एक असहाय, निहत्थे और 85 वर्षीय बुजुर्ग पंचम साहू का है, जिनका कसूर सिर्फ इतना था कि वे कमजोर हैं, वृद्ध हैं और विरोध करने की स्थिति में नहीं थे। आरोप है कि उनके साथ बेहद अमानवीय तरीके से मारपीट की गई। चेहरे पर जख्म, आंखों में दर्द और शरीर पर चोटों के निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं कि हमला मामूली नहीं था, बल्कि क्रूरता की हदें पार की गईं।वहीं दूसरी ओर, इस मामले में सामने आए व्यक्ति पं. चेतन दुलार देवांगन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि बिना किसी ठोस कारण के बुजुर्ग के साथ मारपीट की गई, जिससे गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर किस अधिकार से कोई व्यक्ति उम्र, सम्मान और मानवीय मूल्यों को कुचलने का दुस्साहस करता है?यह केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की परीक्षा भी है। अगर आज एक 85 वर्षीय बुजुर्ग सुरक्षित नहीं है, तो कल कौन होगा? क्या ताकत का अर्थ यही रह गया है कि कमजोर को निशाना बनाया जाए?मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संज्ञान लिया है। थाना अर्जुनी पुलिस द्वारा आरोपी को कार्रवाई हेतु थाने ले जाया गया है और मामले की जांच जारी है। कानून अपना काम करेगा, लेकिन समाज की जिम्मेदारी यहीं खत्म नहीं हो जाती। ऐसे कृत्यों पर चुप्पी साधना भी अपराध को बढ़ावा देने जैसा है।यह घटना एक साफ संदेश देती है—अगर आज सख्त सवाल नहीं पूछे गए, अगर आज कठोर कार्रवाई की मांग नहीं की गई, तो कल कोई और पंचम साहू इस हिंसा का शिकार होगा। बुजुर्गों पर हाथ उठाना सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि संस्कारों, परंपराओं और इंसानियत की जड़ों पर वार है।प्रशासन से अपेक्षा है कि इस मामले में निष्पक्ष, तेज और कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कानून कमजोर के साथ खड़ा है, न कि ताकत के दुरुपयोग के साथ।धमतरी की यह घटना चेतावनी है—अब भी अगर समाज नहीं जागा, तो चुप्पी सबसे बड़ा अपराध बन जाएगी।



