हमर छत्तीसगढ़

मुंबई से उठा संगठन शक्ति का शंखनाद प्रशिक्षण कार्यशाला में बालोद के कद्दावर नेता यशवंत जैन की उपस्थिति 

 

रिपोर्टर :- मीनू साहू 

बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में संगठन की मजबूती केवल नारों से नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित प्रशिक्षण, स्पष्ट विचार और सक्रिय कार्यशैली से बनती है। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने मुंबई में एक प्रभावशाली प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों ने भाग लेकर संगठनात्मक ऊर्जा का नया संदेश दिया।मुंबई के रंग शारदा परिसर में आयोजित यह एक दिवसीय कार्यशाला केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि इसे आगामी संगठन विस्तार और वैचारिक सुदृढ़ता का आधार माना जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में छत्तीसगढ़ से प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उनके साथ प्रदेश के कई प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल हुए, जिससे प्रदेश की सक्रियता और संगठन के प्रति समर्पण स्पष्ट दिखाई दिया।कार्यशाला में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात तथा दमन-दीप क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का मुख्य फोकस 7 मार्च से शुरू होने वाले देशव्यापी प्रशिक्षण महाअभियान की रूपरेखा को स्पष्ट करना रहा। इस अभियान के अंतर्गत मंडल, जिला और प्रदेश स्तर तक कार्यकर्ताओं को संगठित, प्रशिक्षित और सक्रिय करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।कार्यक्रम में 12 प्रमुख विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया, जिनका उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक प्रभावी बनाना, विचारधारा को मजबूत करना, संवाद क्षमता विकसित करना तथा कार्यकर्ताओं में नेतृत्व कौशल को बढ़ाना है। प्रशिक्षण का स्वरूप व्यावहारिक और प्रेरक रहा, जिससे उपस्थित पदाधिकारी केवल श्रोता नहीं बल्कि भावी मार्गदर्शक बनकर लौटें।

मीडिया प्रभारी कमल पनपालिया ने बताया कि

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ संगठन नेताओं का मार्गदर्शन कार्यक्रम की सबसे बड़ी शक्ति साबित हुआ। वरिष्ठ जेष्ठ श्रेष्ठ राष्ट्रीय नेताओं ने कार्यकर्ताओं को बताया कि आने वाला समय केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि संगठनात्मक क्षमता की परीक्षा का है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि मजबूत राष्ट्र निर्माण के लिए मजबूत संगठन अनिवार्य है, और इसके लिए प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही सबसे बड़ी पूंजी हैं।छत्तीसगढ़ से इस कार्यशाला में प्रदेश अध्यक्ष, क्षेत्रीय संगठन पदाधिकारी, संगठन महामंत्री सहित लगभग बीस प्रमुख जिम्मेदार कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उनकी सक्रिय भागीदारी ने यह संकेत दिया कि प्रदेश संगठन आगामी अभियानों को लेकर पूरी तरह सजग और तैयार है।यह कार्यशाला केवल एक बैठक भर नहीं थी, बल्कि इसे संगठन की दिशा, दृष्टि और भविष्य की कार्ययोजना तय करने वाला मंच माना जा रहा है। यहां से लौटने वाले पदाधिकारी अब अपने-अपने क्षेत्रों में प्रशिक्षण अभियान को गति देंगे, जिससे संगठन की जड़ें और मजबूत होंगी।स्पष्ट है कि यह आयोजन आने वाले समय में संगठनात्मक विस्तार, वैचारिक स्पष्टता और कार्यकर्ता सशक्तिकरण की नई शुरुआत बन सकता है।

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