संविधान मंथन जागरूकता, अधिकार और कर्तव्य का महाअभियान

संपादक:- मीनू साहू
रिपोर्टर:- उत्तम साहू
राजनांदगांव:- छत्तीसगढ़ के जिला राजनांदगांव में आयोजित “संविधान मंथन” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-जागरूकता का व्यापक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को संविधान के मूल सिद्धांतों, अधिकारों और कर्तव्यों से जोड़ना है।आयोजक समिति की ओर से कर्त्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवशंकर सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत देवांगन ने बताया कि 28 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक अम्बेडकर चौक, कलेक्ट्रेट के सामने यह पांच दिवसीय आयोजन ज्ञान, संवाद और सहभागिता का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करेगा।इस कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसे शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों—खेरागढ़ रोड, मानव मंदिर चौक, ममता नगर, बसंतपुर रोड और गुरुद्वारे के सामने—स्वागत द्वारों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे हर नागरिक इस अभियान से जुड़ सके। मुख्य आयोजन स्थल पर संविधान की प्रतिकृति के समक्ष होने वाले कार्यक्रम इस पहल को और अधिक प्रभावशाली बनाते हैं।पांच दिवसीय इस आयोजन में विविध गतिविधियाँ शामिल हैं, जैसे संविधान कथा, वाचन, निबंध लेखन, भाषण प्रतियोगिता, प्रदर्शनी और मेला। साथ ही “संविधान मंथन एवं दर्शन यात्रा” के माध्यम से समाज में जागरूकता की अलख जगाई जाएगी। सम्मान समारोह में समाज के प्रेरणास्रोत व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा, जिससे सकारात्मक उदाहरण स्थापित हों।विशेष रूप से निःशुल्क संविधान पुस्तकों का वितरण, स्वास्थ्य शिविर, श्रमिक विभाग सहायता, आरटीओ सेवाएं, कानूनी परामर्श तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास इस आयोजन को जनहितकारी बनाता है। जैविक कृषि और खेल-कूद जैसी गतिविधियाँ भी समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का कार्य करेंगी।इस महाअभियान का आयोजन “कर्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन भारत” द्वारा किया जा रहा है, जिसमें अनुभवी और समर्पित नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका है। संस्थापक श्री शिवशंकर सिंह सहित सभी पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम समाज में संवैधानिक मूल्यों की मजबूत नींव रखने का कार्य करेगा।
“संविधान मंथन” हर नागरिक को यह संदेश देता है कि अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन ही एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण करता है।



