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आशीर्वाद के दीये में तस्वीरों की सियासत? पोस्टर से नगर पालिका उपाध्यक्ष मनोज दुबे गायब

दल्ली राजहरा भाजपा मंडल के प्रचार पोस्टर ने खड़े किए सवाल, अध्यक्ष से लेकर मंडल अध्यक्ष तक की तस्वीरें मौजूद, निर्वाचित उपाध्यक्ष का नाम-फोटो नदारद

संपादक:- मीनू साहू

दल्ली राजहरा। :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर भाजपा संगठन की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बालोद जिला के दल्ली राजहरा भाजपा मंडल द्वारा आयोजित ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम का प्रचार पोस्टर अब कार्यक्रम से ज्यादा अपनी तस्वीरों को लेकर चर्चा में है। पोस्टर में संगठन और नगर पालिका से जुड़े कई प्रमुख चेहरों को स्थान दिया गया है, लेकिन नगर पालिका उपाध्यक्ष एवं वार्ड क्रमांक 03 से निर्वाचित पार्षद मनोज दुबे की तस्वीर का पूरी तरह गायब होना स्थानीय स्तर पर सवाल खड़े कर रहा है।प्रचार सामग्री में भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख, जिला महामंत्री सौरभ लूनिया, नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू और मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू के फोटो प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में निर्वाचित नगर पालिका उपाध्यक्ष की तस्वीर का स्थान नहीं मिलना सामान्य नजरअंदाजगी है या पोस्टर तैयार करने के दौरान हुई चूक—यह स्पष्ट होना अभी बाकी है।

एक तस्वीर की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा

किसी सार्वजनिक कार्यक्रम के पोस्टर में किसे स्थान दिया जाए, यह आयोजनकर्ताओं का निर्णय होता है। लेकिन जब उसी सामग्री में संगठन के कई पदाधिकारियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के चित्र शामिल हों तथा नगर पालिका उपाध्यक्ष का फोटो न हो, तो स्वाभाविक रूप से स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा शुरू होना असामान्य नहीं है।मामले का दूसरा पहलू यह है कि भाजपा मंडल की ओर से अब तक ऐसा कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, जिससे यह साफ हो सके कि मनोज दुबे की तस्वीर क्यों शामिल नहीं की गई। इसलिए बिना आधिकारिक जानकारी के इसे संगठन के भीतर किसी विवाद या मतभेद का परिणाम मानना उचित नहीं होगा।

भाजपा के एकजुटता संदेश के बीच पोस्टर बना सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रमों के जरिए भाजपा संगठन कार्यकर्ताओं में सहभागिता और एकजुटता का संदेश दे रहा है। ऐसे समय में स्थानीय मंडल के कार्यक्रम की प्रचार सामग्री में निर्वाचित नगर पालिका उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति राजनीतिक दृष्टि से ध्यान खींच रही है।यह मामला केवल एक तस्वीर तक सीमित नहीं रह गया है। सवाल यह भी है कि पोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने का कोई निर्धारित मानक है या नहीं। यदि यह तकनीकी अथवा अनजाने में हुई गलती है, तो संगठन की ओर से स्पष्टीकरण के साथ स्थिति आसानी से स्पष्ट की जा सकती है।

अब जवाब भाजपा मंडल को देना होगा

दल्ली राजहरा में भाजपा संगठन और नगर पालिका से जुड़े घटनाक्रम पहले भी स्थानीय चर्चा का विषय रहे हैं। ऐसे में ‘आशीर्वाद का दिया’ के पोस्टर ने एक नया प्रश्न सामने रख दिया है। क्या मनोज दुबे की तस्वीर छूटना महज संयोग है, या प्रचार सामग्री तैयार करने के पीछे कोई अलग निर्णय लिया गया था?फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी संगठनात्मक विवाद का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। लेकिन पोस्टर में मौजूद चेहरों और गायब तस्वीर के बीच पैदा हुआ अंतर इतना स्पष्ट है कि इस पर जवाब की अपेक्षा स्वाभाविक है।अब नजर भाजपा मंडल और नगर पालिका उपाध्यक्ष मनोज दुबे की प्रतिक्रिया पर रहेगी। आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि पोस्टर की यह तस्वीर वास्तव में महज एक चूक थी या इसके पीछे कोई संगठनात्मक निर्णय था।

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