शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य: रायपुर के सेलम इंग्लिश स्कूल में जागरूकता संगोष्ठी ने जगाई नई प्रेरणा

रायपुर। चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया छत्तीसगढ़ डायोसीज़ के मार्गदर्शन में सेलम इंग्लिश स्कूल, मोती बाग में जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसने बच्चों और युवाओं के भीतर शिक्षा और आत्मनिर्भरता की नई लौ प्रज्वलित की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों को सरकारी योजनाओं से अवगत कराना और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की ओर प्रेरित करना रहा।

मुख्य वक्ता अल्बर्ट कुजूर और श्रीमती शालिनी टोप्पो ने पीएम-विकास योजना और इसकी पहलें—सीखो और कमाओ, नई रोशनी, नई मंजिल, उस्ताद और हमारी धरोहर—के साथ प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि गरीबी कभी भी शिक्षा की राह का अवरोध नहीं बन सकती, यदि हम अवसरों को पहचानकर आगे बढ़ें।
कार्यक्रम में छात्रों, अभिभावकों और समाज के सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। सीएनआई डायोसीज़ की बिशप द राइट रेव. डॉ. सुषमा कुमार और सचिव नितिन लॉरेंस की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और भी ऊँचाई प्रदान की।सेलम स्कूल की प्रभारी प्राचार्य श्रीमती रुपिका लॉरेंस ने कहा कि यह संगोष्ठी सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि जागृति की लहर है।
जब बच्चे शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगे, तब परिवार, समाज और देश अपनी असली शक्ति को प्राप्त करेगा।आयोजकों ने संकल्प लिया कि ऐसे प्रयास भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे। कार्यक्रम का समापन इस प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ कि शिक्षा ही वह दीपक है जो हर घर में ज्ञान का उजाला फैलाकर नई सुबह की शुरुआत करता है।



