हमर छत्तीसगढ़

नेशनल जंबूरी की आड़ में प्रशासनिक एकाधिकार और संभावित धांधली के आरोप, ग्रामीण सहभागिता को दरकिनार करने पर उठे तीखे सवाल

 

बालोद::- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम दुधली में 09 से 13 जनवरी तक प्रस्तावित नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी को राष्ट्रीय गरिमा के अनुरूप भव्य बनाने के दावे किए जा रहे हैं। मुख्य सचिव विकासशील द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंच, सुरक्षा, आवास, भोजन, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और यातायात जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर समयबद्ध पूर्णता के निर्देश भी दिए गए। कागजों में यह आयोजन अनुशासन और व्यवस्था का आदर्श प्रतीत होता है, लेकिन जमीनी सच्चाई इन दावों से मेल नहीं खा रही। बालोद जिला एक बार फिर भ्रष्टाचार का चारागाह बनता नजर आ रहा है, जहां पारदर्शिता के बजाय सत्ता-संरक्षण की छाया गहराती दिखती है।आरोप है कि इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन को केवल चुनिंदा नेताओं, मंत्रियों और जिला प्रशासन तक सीमित रखा गया है। ग्रामीण सहभागिता, जिसे किसी भी बड़े आयोजन की आत्मा माना जाता है, पूरी तरह उपेक्षित है। जिस गांव में आयोजन हो रहा है, वहां के नागरिकों को ही स्पष्ट जानकारी नहीं है कि कार्यक्रम की प्रकृति क्या है, उनकी भूमिका क्या होगी और प्रशासन उनसे क्या अपेक्षा रखता है। भाजपा कार्यकर्ताओं से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक, अधिकांश लोग अंधेरे में हैं। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब छत्तीसगढ़ का इतिहास गवाह रहा है कि ग्रामीण अंचलों ने सदैव देश-विदेश से आए अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया है। फिर यहां यह अनदेखी क्यों?कठोर आरोप यह भी हैं कि प्रशासन जानबूझकर अज्ञानता का नाटक कर रहा है या फिर आवंटित राशि में संभावित धांधली को छिपाने के लिए सहभागिता को सीमित किया जा रहा है। सार्वजनिक धन से जुड़े आयोजन में सूचना का अभाव और जनसहभागिता से दूरी, संदेह को और मजबूत करती है। यदि सब कुछ पारदर्शी है, तो ग्रामसभा, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को साथ लेने में हिचक क्यों?

कांग्रेस विधायक प्रतिनिधि धीरज उपाध्याय का  वर्जन

धीरज उपाध्याय ने तीखे शब्दों में कहा कि यह आयोजन प्रशासनिक दिखावे और राजनीतिक स्वार्थ का मंच बन गया है। ग्रामीणों को जानबूझकर दूर रखा जा रहा है ताकि खर्च और ठेकों पर सवाल न उठें। उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाबद्ध तरीके से जानकारी दबाई जा रही है और स्थानीय संसाधनों की अनदेखी कर बाहरी एजेंसियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। यह राष्ट्रीय गरिमा नहीं, बल्कि जनविरोधी मानसिकता का प्रदर्शन है।

भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन तोमन साहू का वर्जन

तोमन साहू ने कहा कि नेशनल जंबूरी युवाओं के चरित्र निर्माण और सेवा भावना को सशक्त करने का अवसर है। प्रशासन का उद्देश्य आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और उच्च मानकों के अनुरूप करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाजसेवी संस्थाओं, स्वयंसेवकों और ग्रामीणों की भूमिका को चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाएगा, ताकि आयोजन सफल और स्मरणीय बने। रेड क्रॉस सहित सामाजिक संगठनों की सहभागिता से मानवीय सेवाओं का स्तर और मजबूत होगा।फिर भी, सवाल कायम हैं। राष्ट्रीय आयोजन यदि जनसहभागिता के बिना होगा तो उसकी आत्मा अधूरी रहेगी। प्रशासन को चाहिए कि वह आरोपों का जवाब दे, सूचनाएं सार्वजनिक करे और गांव-समाज को केंद्र में रखे। अन्यथा, यह जंबूरी उपलब्धियों से अधिक विवादों के लिए याद की जाएगी।

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