हमर छत्तीसगढ़

पुलिस पर सवाल या व्यवस्था पर धब्बा? पुरूर थाना की घटना ने खड़े किए गंभीर प्रश्न, सच क्या है — जांच ही बताएगी

 

रिपोर्टर:- उत्तम साहू

 बालोद/पुरूर 

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पुरूर थाना क्षेत्र से सामने आई आत्महत्या की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। एक ओर मृतक के परिजन और ग्रामीण पुलिस पर मानसिक प्रताड़ना, अवैध वसूली और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर यह मामला कानून व्यवस्था और जांच प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करता दिख रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में जब भी शराब या अन्य नशीले पदार्थ पकड़े जाते हैं, तब कई मामलों में अपराध दर्ज करने की बजाय कथित रूप से पैसे की मांग की जाती है। आरोप है कि जो व्यक्ति रकम देने में असमर्थ रहता है, उसे बार-बार थाना बुलाकर दबाव बनाया जाता है, जिससे सामाजिक अपमान और मानसिक तनाव बढ़ता है। इसी तरह की परिस्थितियों में पुराणिक जोशी नामक व्यक्ति के बारे में कहा जा रहा है कि वह लगातार दबाव और आर्थिक मांग से परेशान था, और अंततः उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।

यदि ये आरोप सत्य साबित होते हैं, तो यह केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं बल्कि कानून के रक्षक तंत्र पर गहरा धब्बा माना जाएगा। पुलिस की भूमिका न्याय दिलाने की होती है, भय पैदा करने की नहीं। जब वर्दी पर भरोसा कमजोर पड़ता है, तब समाज में असुरक्षा, अविश्वास और आक्रोश तेजी से फैलता है। ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय देना अनिवार्य हो जाता है।

हालांकि दूसरी ओर यह भी उतना ही जरूरी है कि किसी भी घटना को अंतिम सच मान लेने से पहले निष्पक्ष जांच हो।  व्यवस्था को दोषी ठहराना भी न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। सच्चाई क्या है — यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल रिकॉर्ड, बयान, और स्वतंत्र जांच से ही स्पष्ट हो पाएगा।

इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है — क्या ग्रामीणों और पुलिस के बीच भरोसे की खाई बढ़ती जा रही है? यदि ऐसा है, तो यह केवल एक थाना या एक जिले का मुद्दा नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवाद, जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था की कमजोरी का संकेत है।

अब जरूरत है कि मामले की जांच उच्च स्तर पर हो, ताकि यह तय हो सके कि यह मौत  व्यवस्था की कठोरता ने किसी को मरने से मजबूर कर दिया। न्याय केवल होना नहीं चाहिए, बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए — तभी व्यवस्था पर विश्वास कायम रहेगा।

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