बालोद जिला पुलिस की सक्रियता से अमन-शांति कायम

रिपोर्ट:- उत्तम साहु
बालोद / पलारी : छत्तीसगढ़ प्रदेश के बालोद जिले के विकासखंड गुरूर अंतर्गत सभी थाना एवं चौकी के पुलिस बल की जिम्मेदारी के साथ सजगता से विकासखंड के सभी ओर शांतिमय आबोहवा कायम है। पुलिस समाज की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। वे कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ अपराधियों को पकड़ कर आमजनों को निरंतर सुरक्षित वातावरण प्रदान कर रहे हैं। पुलिस समाज के सच्चे रक्षक बनकर उभर रहे हैं। कानून व्यवस्था, सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए जिम्मेदार मुख्य बल पुलिस की सक्रियता से पूरा आबोहवा शांतिमय माहौल बना हुआ है।आमजनों के बीच दहशत का माहौल बनाने वाले चोर, बदमाशों की पुलिस धड़पकड़ कार्यवाही से नामी गिरामी गुंडागर्दी बदमाश दहशत में है। कई दहशती छुप गए, कई सही रास्ते में चलना शुरू कर दिए। इन बदमाशों को सबक सिखाने पुलिस अपने मूल दायित्वों के पालन में दिन-रात एक कर पूरी सक्रियता से जुटे है। इनके धड़पकड़ कार्यवाही एक अभियान नहीं अपितु जिम्मेदारी है। सभी के हित जनसेवा पुलिस का मूल भावना का पालन कर रहे है।पुलिस का कार्य बड़ा कठिन है। विभिन्न रैलियों के दौरान सुरक्षा और यातायात की व्यवस्था बनाए रखना, जुलूसों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराना, हड़ताल, धरनों और बंद के दौरान असामाजिक तत्वों से राष्ट्र की संपत्ति की रक्षा करना, चोर-डकैतों और लुटेरों से आम नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना—यह सब पुलिस का दायित्व है। पुलिस कर्मचारी चौबीस घंटे खतरों से जूझते हैं। मुठभेड़ के दौरान घायल हो जाते हैं, भीड़ के पथराव में चोट खाते हैं, फिर भी कर्तव्य पथ से विचलित नहीं होते। सर्दी, गर्मी, बरसात हर परिस्थिति में ड्यूटी निभाना तथा विभिन्न अपराधियों को पकड़कर न्यायालय में प्रस्तुत करना उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।भाजपा शासन काल में कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक सुदृढ़ता और त्वरित कार्रवाई की नीति ने पुलिस तंत्र को नई ऊर्जा प्रदान की है। सुरक्षा, अनुशासन और जवाबदेही के समन्वय से अपराध नियंत्रण की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं। शासन की स्पष्ट मंशा—“सुरक्षित समाज, सशक्त नागरिक”—को जमीनी स्तर पर पुलिस बल प्रभावी रूप से साकार कर रहा है।आज गुरूर विकासखंड में जो शांत, व्यवस्थित और विश्वासपूर्ण वातावरण दिखाई दे रहा है, वह सतत निगरानी, रणनीतिक योजना और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। अपराधियों में भय और आमजन में भरोसा—यही सुशासन की पहचान है। पुलिस की सजगता, समर्पण और सेवा भाव से क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट परिलक्षित हो रहा है। यही सक्रियता और यही प्रतिबद्धता विकास की मजबूत नींव बनकर उभर रही है।



