आस्था, सेवा और संकल्प का संगम — पार्षद सरिता विनोद चंद्राकर की जनसेवा का प्रेरणादायी उदाहरण

रिपोर्टर:- गोपाल निर्मलकर
दुर्ग:- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में वार्ड क्रमांक 40, सुराना कॉलेज कॉलोनी में शनि मंदिर के पास निर्मित टीन शेड उसी सेवा भावना और जनहित के संकल्प का प्रतीक हैं, जिनकी लागत 1.99 लाख रुपये है। इस निर्माण कार्य के पीछे पार्षद सरिता विनोद चंद्राकर की प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण स्पष्ट दिखाई देता है।किसी भी समाज की पहचान केवल उसके विकास कार्यों से नहीं, बल्कि उसकी आस्था, संस्कृति और जनसेवा के भाव से भी होती है। जब जनप्रतिनिधि अपने पद को केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी मानकर काम करता है, तब विकास के साथ समाज की आत्मा भी मजबूत होती है।धार्मिक स्थलों का महत्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होता। यह स्थान समाज को जोड़ने, आस्था को मजबूत करने और लोगों को मानसिक शांति देने का माध्यम बनते हैं। शनि मंदिर के पास बनाए गए इन टीन शेडों का उद्देश्य भी यही है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिले, वे आराम से बैठकर पूजा-पाठ कर सकें और धार्मिक वातावरण में समय बिता सकें। यह कार्य बताता है कि जनप्रतिनिधि जब जनता की जरूरतों को समझता है, तब विकास केवल कागजों में नहीं बल्कि जमीन पर दिखाई देता है।पार्षद सरिता विनोद चंद्राकर ने इस कार्य के माध्यम से यह साबित किया है कि राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा का पवित्र मार्ग भी है। एक महिला जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने यह दिखाया है कि यदि नीयत साफ और उद्देश्य जनकल्याण का हो, तो हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। उनकी कार्यशैली में जनता के प्रति संवेदनशीलता, विकास के प्रति प्रतिबद्धता और समाज के प्रति जिम्मेदारी साफ दिखाई देती है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस विशेष अवसर पर यह पहल और भी प्रेरणादायक बन जाती है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता और नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। राजनीति में भी महिलाओं की भागीदारी समाज को नई दिशा दे रही है। सरिता विनोद चंद्राकर का यह कार्य केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व की शक्ति और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी का मजबूत संदेश है।एक सशक्त महिला जब नेतृत्व करती है, तो वह केवल विकास की योजनाएं नहीं बनाती, बल्कि समाज में विश्वास और प्रेरणा का संचार भी करती है। वार्ड के लोगों के लिए यह कार्य केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि उनके विश्वास और उम्मीदों का सम्मान है। यह बताता है कि जनप्रतिनिधि यदि जनता के साथ खड़ा रहे, उनकी जरूरतों को समझे और ईमानदारी से काम करे, तो छोटी-सी पहल भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती है।आज जरूरत है ऐसे ही जनप्रतिनिधियों की, जो राजनीति को सेवा का माध्यम मानें, समाज की आस्था का सम्मान करें और विकास को धरातल पर उतारने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करें। पार्षद सरिता विनोद चंद्राकर की यह पहल उसी सकारात्मक सोच और मजबूत संकल्प का उदाहरण है, जो यह संदेश देती है कि जब नेतृत्व ईमानदार हो, तो विकास और विश्वास दोनों साथ-साथ आगे बढ़ते हैं।यह कार्य केवल एक निर्माण नहीं, बल्कि जनसेवा, आस्था और महिला सशक्तिकरण की उस उजली सोच का प्रतीक है, जो समाज को एक नई दिशा देने का सामर्थ्य रखती है। यही वह रास्ता है, जहां से सच्ची राजनीति और सच्ची जनसेवा की शुरुआत होती है।
इस कार्यक्रम में श्रीमती चंपा साहू महिला मोर्चा मंत्री जिला दुर्ग, श्रीमती इंदु साहू, रानी उपाध्याय, किरण आदिल, पुष्पा चंद्राकर, भारती साहू, ध्रुपद निर्मलकर, जानकी , दित लहरे, यशोदा निर्मलकर, बसंती गायकवाड, , चंपा साहू, प्रकाश अग्रवाल, जय कुमार सोनी, गोविंद कुमार, अनिल कुमार सोनी, मनोज कुमार अग्रवाल, शिवकुमार चंद्राकर, अकरम परवेज आदि उपस्थित थे



