हमर छत्तीसगढ़

आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल दुर्ग में सफल किडनी ट्रांसप्लांट

           संपादक:- मीनू साहू 

मां ने दिया बेटे को नया जीवन

 दुर्ग। ममता और त्याग की मिसाल बनकर एक मां ने अपने बेटे को नया जीवन दे दिया। शहर के आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक बेहद भावुक और सफल किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन ने उम्मीद की नई किरण जगा दी।बालोद जिले के 37 वर्षीय उमेश साहू पिछले लगभग एक वर्ष से गंभीर किडनी बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी हालत इतनी नाजुक हो गई थी कि उन्हें नियमित रूप से डायलिसिस कराना पड़ रहा था। हर गुजरता दिन परिवार के लिए चिंता और पीड़ा लेकर आता था।डॉक्टरों ने जब किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी, तो बेटे की जिंदगी बचाने के लिए उसकी मां शकुन बाई बिना एक पल की झिझक के आगे आ गईं। मां के दिल में बस एक ही ख्याल था “अगर मेरी किडनी से मेरे बेटे की जिंदगी बच सकती है, तो इससे बड़ा सुख मेरे लिए और क्या होगा।”मां के इस अद्भुत त्याग और डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम की मेहनत से ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस जटिल किडनी ट्रांसप्लांट को किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. नवीन राम दारुका और किडनी ट्रांसप्लांट फिजिशियन डॉ. आर.के. साहू की संयुक्त टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। ऑपरेशन के बाद सबसे सुखद खबर यह है कि मां और बेटा दोनों स्वस्थ हैं और डॉक्टरों की निगरानी में तेजी से रिकवरी कर रहे हैं। अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें भी इस मां-बेटे के रिश्ते और त्याग की कहानी सुनकर नम हो गईं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, जून 2024 में आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में पहला किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था। इसके बाद से अब तक कुल तीन सफल किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि अब छत्तीसगढ़ में भी जटिल किडनी रोगों का आधुनिक और उच्च स्तरीय इलाज उपलब्ध है, जिससे मरीजों को बड़े महानगरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे। इस अवसर पर डॉक्टरों ने लोगों से अंगदान के लिए आगे आने की अपील भी की। उनका कहना है कि एक छोटा सा निर्णय कई जिंदगियों को नई उम्मीद और नया जीवन दे सकता है।इसी कड़ी में अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रशान्त सिंह ने भी “जीवन के बाद जीवन” की एक अद्भुत मिसाल पेश की है। उन्होंने अपनी किडनी दान कर दो जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दिया। डॉक्टरों का मानना है कि ऐसे प्रेरणादायक उदाहरण समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह संदेश देते हैं कि इंसान का एक निर्णय किसी के लिए नई जिंदगी बन सकता है।

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