हमर छत्तीसगढ़

बालोद के पत्रकारों के हित, सम्मान और सुरक्षा को लेकर प्रदेश स्तर पर उठी आवाज

कलम की आवाज को दबाने वाली हर चुनौती के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष जारी रहेगा। सच, निष्पक्षता और पत्रकारों के हितों की रक्षा ही संगठन का सर्वोच्च उद्देश्य है।

संपादक:- मीनू साहू 

छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ की प्रदेश कार्य समिति की बैठक भिलाई में आयोजित हुई। बैठक में पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार, आर्थिक स्थिति और संगठनात्मक मजबूती को लेकर गंभीर चिंतन किया गया। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा किए और पत्रकार हित में प्रभावी पहल की आवश्यकता पर जोर दिया।

बैठक में बालोद जिले के पत्रकारों की स्थिति और उनके सामने मौजूद चुनौतियों को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में देखा गया। बालोद में स्थानीय पत्रकार लंबे समय से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनसमस्याओं को सामने लाने का कार्य कर रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, कृषि, सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक व्यवस्था और आम नागरिकों की परेशानियों से जुड़े मुद्दों को जिम्मेदारी के साथ उठाया जाता है।

बालोद के वरिष्ठ पत्रकार सुनील शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “बालोद सहित प्रदेशभर में पत्रकार कठिन परिस्थितियों के बीच अपना दायित्व निभा रहे हैं। कई बार संसाधनों की कमी के बावजूद पत्रकार दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सामने लाते हैं। ऐसे पत्रकारों की परेशानियों को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि जब कोई पत्रकार जनहित से जुड़े संवेदनशील विषय को उठाता है तो उसका उद्देश्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करना नहीं, बल्कि संबंधित जिम्मेदारों का ध्यान समस्या के समाधान की ओर आकर्षित करना होता है। इसलिए पत्रकारों को दबावमुक्त वातावरण मिलना बेहद जरूरी है।

सुनील शर्मा ने पत्रकारों के सम्मान को लेकर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि पत्रकारों को सम्मान केवल किसी विशेष आयोजन तक सीमित नहीं होना चाहिए। वर्षों से जनहित में सक्रिय पत्रकारों के योगदान को संस्थागत स्तर पर मान्यता मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति सामने लाने में स्थानीय पत्रकारों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

बैठक में पत्रकार सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। खबरों के संकलन के दौरान यदि किसी पत्रकार को धमकी, दबाव या किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ता है तो संगठन की जिम्मेदारी है कि वह संबंधित पत्रकार के साथ खड़ा रहे। शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण और कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने की जरूरत बताई गई।

बालोद के ग्रामीण पत्रकारों की आर्थिक चुनौतियों पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। समाचार संकलन के लिए लगातार यात्रा, संचार साधनों का खर्च, कैमरा और अन्य उपकरणों की जरूरत तथा बदलते डिजिटल दौर में तकनीकी संसाधनों का बढ़ता खर्च पत्रकारिता को आर्थिक रूप से कठिन बना रहा है। ऐसे में पत्रकार कल्याण योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण है।

प्रदेश कार्य समिति की बैठक में संगठन को जिला और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने, पत्रकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा संकट की स्थिति में तत्काल सहयोग की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया। पत्रकारों को उनके अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास आवश्यक बताए गए।

वर्तमान समय में पत्रकारिता के सामने फर्जी खबरों और अपुष्ट सूचनाओं की चुनौती भी बढ़ी है। ऐसे वातावरण में तथ्यपरक, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देना आवश्यक है। पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के साथ उनकी पेशेवर जिम्मेदारियों को मजबूत करना भी संगठन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

भिलाई की बैठक ने यह स्पष्ट किया कि पत्रकार हित का सवाल केवल किसी एक जिले का विषय नहीं है। बालोद के पत्रकारों की समस्याएं भी प्रदेश की पत्रकारिता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा हैं। सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर उठी आवाज तभी सार्थक होगी, जब चर्चा के बाद ठोस पहल दिखाई दे और जरूरत के समय पत्रकार अकेला न खड़ा रहे। यही संगठित पत्रकारिता की वास्तविक शक्ति और लोकतंत्र के प्रति सच्ची जिम्मेदारी होगी।

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