साढ़े चार करोड़ की जमीन, प्लॉटिंग की चर्चा और चीरघर को श्मशान ले जाने का प्रस्ताव – गुण्डरदेही नगर पंचायत के फैसले पर बवाल
अध्यक्ष प्रमोद जैन की भूमिका संदेह के घेरे में, सांसद भोजराज नाग से अपील पर सवाल, जनता पूछ रही है - अस्पताल के पास व्यवस्था क्यों नहीं?

संपादक मीनू साहू
बालोद /गुण्डरदेही:- नगर पंचायत गुण्डरदेही में पोस्टमार्टम हाउस यानी चीरघर को श्मशान घाट में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव अब जनहित और प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है। एक ओर पोस्टमार्टम हाउस से लगी करीब 4.30 एकड़ जमीन लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये में खरीदे जाने और वहां प्लॉटिंग की चर्चा है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा चीरघर को हटाने की पहल सामने आने से नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि, जमीन की खरीदी और चीरघर स्थानांतरण के बीच सीधे संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रस्ताव कहां है, निर्णय का आधार क्या है?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल नगर पंचायत के उस प्रस्ताव को लेकर है, जिसके आधार पर चीरघर को श्मशान घाट में स्थानांतरित करने की बात कही जा रही है। प्रस्ताव की मूल प्रति, परिषद की बैठक की कार्यवाही, प्रस्ताव क्रमांक, तकनीकी रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की लिखित सहमति सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि आखिर चीरघर हटाने की आवश्यकता किस आधार पर महसूस की गई और क्या वैकल्पिक स्थानों का परीक्षण किया गया?प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने इस संबंध में सांसद भोजराज नाग से अपील की है। यदि ऐसा है, तो उस अपील में रखे गए तर्क और प्रस्ताव की प्रशासनिक स्थिति भी सार्वजनिक होनी चाहिए। केवल अपील के आधार पर संवेदनशील स्वास्थ्य सुविधा का स्थानांतरण उचित नहीं माना जा सकता।
प्रकाश नाहटा ने उठाए जनहित के सवाल
वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रकाश नाहटा ने कहा कि नगर पंचायत की जवाबदेही जनता की सुविधाओं के प्रति होनी चाहिए। करोड़ों की जमीन और प्लॉटिंग की चर्चा के बीच चीरघर हटाने का प्रस्ताव सामने आना कई सवाल पैदा करता है। अध्यक्ष को दस्तावेजों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। विकास के नाम पर जनसुविधाओं को कमजोर नहीं किया जा सकता।
अस्पताल के पास विकल्प क्यों नहीं?
पोस्टमार्टम हाउस पुलिस जांच, चिकित्सकीय प्रक्रिया और शोकाकुल परिवारों की जरूरतों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधा है। अस्पताल के निकट इसकी उपलब्धता से चिकित्सकों और संबंधित कर्मचारियों के समन्वय में सुविधा हो सकती है। ऐसे में सवाल है कि यदि स्थानांतरण जरूरी है, तो अस्पताल के आसपास उपयुक्त जगह तलाशने के विकल्प पर क्या विचार हुआ?अब नगर पंचायत प्रशासन को प्रस्ताव की प्रमाणित प्रति, बैठक की कार्यवाही, स्वास्थ्य विभाग की राय और जमीन संबंधी तथ्यों को सार्वजनिक करना चाहिए। सांसद भोजराज नाग से भी अपेक्षा है कि वे संबंधित विभागों से तथ्यात्मक रिपोर्ट लेकर ही आगे बढ़ें। गुण्डरदेही की जनता को आश्वासन नहीं, दस्तावेजों के साथ स्पष्ट जवाब चाहिए।



