संगठन विस्तार और एकजुटता पर मंथन, गीतकार विष्णु कोठारी ने दिया सक्रिय सहभागिता का संदेश
लोक कलाकार कल्याण संघ की बैठक में कलाकारों के हित

संपादक:- मीनू साहू
बालोद। जिले में लोककला, सांस्कृतिक विरासत और कलाकारों के हितों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लोक कलाकार कल्याण संघ, जिला बालोद की बैठक राजनांदगांव मार्ग पर स्थित ग्राम जुँजेरा के मां जुंगेरहीन माता मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पदाधिकारियों एवं लोक कलाकारों ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का शुभारंभ माता की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। नाचा कलाकार कार्तिकराम साहू, तवेरा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में संगठन की मजबूती और कलाकारों के भविष्य से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।बैठक का प्रमुख उद्देश्य जिले के लोक कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान करना, संगठन का विस्तार करना तथा उनकी प्रतिभा को उचित पहचान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना रहा। उपस्थित सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि संगठित प्रयासों से कलाकारों को अपनी समस्याएं सामने रखने, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अवसर तलाशने और लोकपरंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सहायता मिल सकती है।
गीतकार विष्णु कोठारी ने एकता और भाईचारे पर दिया जोर
छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गीतकार विष्णु कोठारी, मीत, फिरतुटोला ने कलाकारों को संगठन की एकता, आपसी भाईचारे और निरंतर सक्रियता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कलाकारों के बीच समन्वय बनाए रखने तथा सामूहिक सहभागिता के माध्यम से लोककला को सशक्त बनाने के महत्व पर बल दिया। बैठक में विशिष्ट कलाकारों का सम्मान भी किया गया, जिससे उनके योगदान को प्रोत्साहन देने और अन्य कलाकारों को प्रेरित करने की पहल सामने आई।कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष नरेश रजक, द्वारिका प्रसाद कश्यप, मुरली साहू, ओमप्रकाश यादव, मधु यादव, पुरन महादेवा, लीलाधर ढाले, मोहनी देवांगन, हर्षिता कोठारी और खुमेश मानिकपुरी सहित संगठन के पदाधिकारी एवं लोक कलाकार उपस्थित रहे।
आयोजन में सहयोग के लिए जताया आभार
कलाकारों के लिए बैठक की व्यवस्था उपलब्ध कराने में मंदिर समिति के तामेश्वर कौशल का विशेष सहयोग रहा। उपस्थित सदस्यों ने इस सहयोग को आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण बताया।बैठक में आगामी गतिविधियों को गति देने और जिले के अधिकाधिक कलाकारों को संगठन से जोड़ने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। इसी क्रम में अगली विशेष बैठक शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया गया। संगठन की ओर से बालोद जिले के सभी लोक कलाकारों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया, ताकि सामूहिक विचार-विमर्श के माध्यम से कलाकारों के हितों और लोकसंस्कृति के संरक्षण के लिए आगे की दिशा तय की जा सके।



