बालोद में कांग्रेस-भाजपा का सियासी शक्ति प्रदर्शन, वोट चोरी से लेकर पुलिस की गरिमा तक उठे सवाल
गुरूर में कांग्रेस ने निकाला काला दिवस मार्च, पुरूर, गुरूर और सनौद में भाजयुमो का विरोध संगीता सिन्हा ने विपक्ष के अधिकारों को तो भाजपा ने महिला पुलिसकर्मी के सम्मान को बताया अहम

संपादक मीनू साहू
बालोद/गुरूर। लोकतंत्र, मताधिकार और कानून के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर बालोद जिले में कांग्रेस और भाजपा युवा मोर्चा ने अलग-अलग जगहों पर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई। गुरूर में कांग्रेस ने कथित वोट चोरी के विरोध में काला दिवस मनाकर पैदल मार्च निकाला, जबकि पुरूर, गुरूर और सनौद में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले को लेकर प्रदर्शन किया। दोनों दलों के आंदोलनों में राजनीतिक नेतृत्व की जवाबदेही और सार्वजनिक जीवन में मर्यादा का सवाल प्रमुखता से सामने आया।
कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर मांगा जवाब
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर विधायक संगीता सिन्हा के मार्गदर्शन तथा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष किशोर साहू के नेतृत्व में गुरूर में विरोध प्रदर्शन हुआ। कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर कांग्रेस कार्यालय से मार्च शुरू किया, जो बस स्टैंड होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचा। यहां प्रदर्शन कर पुतला दहन किया गया।कांग्रेस नेताओं ने कथित वोट चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच, मताधिकार की सुरक्षा और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाई। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया गया।विधायक संगीता सिन्हा ने दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विपक्ष लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। सरकार से सवाल पूछना और जनता के मुद्दों को उठाना उसका संवैधानिक दायित्व है। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए और असहमति का सम्मान किया जाना चाहिए।ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष किशोर साहू ने कहा कि जनता के मत की गरिमा लोकतंत्र की बुनियाद है। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है, ताकि नागरिकों का संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास कायम रहे।
महिला पुलिसकर्मी प्रकरण पर भाजपा ने जताया विरोध
दूसरी ओर, भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने महिला पुलिसकर्मी से कथित धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार के विरोध में विभिन्न मंडलों में प्रदर्शन किया। पुरूर के रानी दुर्गावती चौक पर मिर्रीटोला मंडल के कार्यकर्ताओं ने प्रियंका गांधी का पुतला दहन किया।भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कहा कि महिला पुलिसकर्मी से दुर्व्यवहार के आरोप गंभीर हैं। कानून की रक्षा करने वाले कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उनके अनुसार राजनीतिक मतभेद किसी को भी कानून और व्यक्तिगत गरिमा की सीमाएं लांघने का अधिकार नहीं देते।पुरूर में हुए प्रदर्शन में भाजयुमो प्रदेश प्रशिक्षण प्रमुख आदित्य सिंह पीपरे, टुकेश्वर पाण्डेय, राकेश सिन्हा, होमशंकर साहू और त्रिलोकी साहू सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। गुरूर और सनौद में भी विरोध दर्ज कराया गया।
आरोपों के बीच निष्पक्ष जांच जरूरी
दोनों दलों के प्रदर्शनों ने अलग-अलग मुद्दों पर राजनीतिक बहस को तेज किया है। कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा ने पुलिसकर्मियों की गरिमा को केंद्र में रखा। हालांकि, कथित वोट चोरी और महिला पुलिसकर्मी से दुर्व्यवहार के मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही निकलना चाहिए। लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता तथा कानून के प्रति सम्मान बनाए रखने के लिए निष्पक्ष प्रक्रिया और जवाबदेही आवश्यक है।



