हमर छत्तीसगढ़

आठ माह से भुगतान लंबित, 60:40 के नियम में पंचायतें उलझीं जिला सरपंच संघ अध्यक्ष क्रांति भूषण साहू ने उठाए सवाल

क्रांति भूषण साहू के नेतृत्व में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन, मनरेगा सामग्री भुगतान में देरी और विकास कार्यों की स्वीकृति में बाधाओं पर जताई नाराजगी; बोले—गांवों की जरूरतों को नियमों की जटिलता में नहीं उलझाया जाए

संपादक:- मीनू साहू 

गुण्डरदेही/बालोद। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर है, लेकिन जब निर्माण सामग्री का भुगतान आठ माह तक लंबित रहे और जरूरी भवनों के निर्माण में वित्तीय नियम बाधा बनें, तो ग्रामीण विकास की व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। इसी मुद्दे को लेकर जिला सरपंच संघ बालोद के अध्यक्ष क्रांति भूषण साहू ने नेतृत्व करते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर की अनुपस्थिति में अपर कलेक्टर सुरेंद्र कुमार वैद्य को दिए गए ज्ञापन में संघ ने मनरेगा सामग्री का बकाया भुगतान शीघ्र जारी करने और विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत लागू 60:40 के अनुपात में आवश्यक शिथिलता देने की मांग की।

क्रांति भूषण साहू ने उठाई आवाज, भुगतान में देरी पर सवाल

जिला सरपंच संघ अध्यक्ष क्रांति भूषण साहू ने पंचायतों की समस्याओं को प्रमुखता से सामने रखते हुए कहा कि मनरेगा सामग्री का भुगतान आठ माह से लंबित होना गंभीर विषय है। पंचायतों को विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी दी जाती है, लेकिन भुगतान में इतनी लंबी देरी होने पर कामकाज प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में बकाया राशि के समयबद्ध भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है।

क्रांति भूषण साहू के कथन 
“ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों की जिम्मेदारी देकर यदि सामग्री का भुगतान आठ-आठ महीने तक लंबित रहेगा, तो पंचायतों के सामने कठिनाइयां खड़ी होना स्वाभाविक है। गांवों का विकास केवल योजनाओं की घोषणा से नहीं होगा। इसके लिए समय पर भुगतान और जमीनी समस्याओं का समाधान जरूरी है। हमारी मांग है कि लंबित राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए और पंचायतों को अनावश्यक वित्तीय अड़चनों से राहत मिले।”

60:40 के अनुपात पर भी पुनर्विचार की मांग

संघ ने विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत लागू 60:40 के अनुपात को लेकर भी चिंता जताई। अध्यक्ष क्रांति भूषण साहू के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि इस व्यवस्था के कारण पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन और स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों जैसे आवश्यक अधोसंरचना कार्यों की स्वीकृति में कठिनाइयां आ रही हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार स्थानीय जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए। यदि आवश्यक भवनों के निर्माण प्रस्ताव वित्तीय प्रावधानों के कारण आगे नहीं बढ़ पाते, तो इसका असर गांवों की विकास योजनाओं पर पड़ सकता है। संघ ने मांग की कि जरूरी निर्माण कार्यों के लिए नियमों में व्यावहारिक शिथिलता प्रदान की जाए।

अब ज्ञापन नहीं, निर्णय का इंतजार

जिला सरपंच संघ ने दोनों समस्याओं को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन के माध्यम से उठाते हुए समाधान की मांग की है। अब संबंधित स्तर पर यह तय होना है कि लंबित भुगतान और निर्माण स्वीकृति से जुड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।इस अवसर पर जिला सरपंच संघ अध्यक्ष क्रांति भूषण साहू, गुंडरदेही ब्लॉक सरपंच संघ अध्यक्ष लेख राम साहू, संरक्षक रोशन साहू, डोमन देशमुख, राजेश साहू और धर्मेंद्र रामटेके उपस्थित थे।

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