दुर्ग-रायपुर रेलमार्ग का निरीक्षण, ट्रेनों की गति बढ़ाने पर फोकस

रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के महाप्रबंधक (जीएम) ने शुक्रवार को दुर्ग से रायपुर के बीच रेलमार्ग का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य ट्रैक की संरचना, संचालन क्षमता और गति बढ़ाने की संभावनाओं का मूल्यांकन करना था।
रायपुर स्टेशन पहुंचने के बाद जीएम ने पुनः दुर्ग के लिए प्रस्थान किया, जहां वे मिडल लाइन का निरीक्षण करेंगे। इस लाइन पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेनें चलाने के लिए विशेष ट्रैक तैयार किया गया है। इससे पहले उन्होंने रायपुर से दुर्ग तक अप लाइन की जांच की, जिसमें ट्रैक की गुणवत्ता, संरक्षा मानक और सिग्नलिंग प्रणाली की बारीकी से समीक्षा की गई।
रायपुर रेलवे स्टेशन पर मीडिया से बातचीत में जीएम ने कहा कि रायपुर रेल मंडल में वंदे भारत एक्सप्रेस के साथ-साथ अन्य ट्रेनों की गति भी बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन ट्रेनों में एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच लगे हैं, उनकी रफ्तार में इजाफा किया जा सकता है। एलएचबी कोच की उन्नत तकनीकी विशेषताओं के चलते ये ट्रेनें अधिक गति से सुरक्षित रूप से चलाई जा सकती हैं।
रेलवे प्रशासन का यह कदम यात्रियों की यात्रा को तेज और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निरीक्षण के आधार पर आने वाले समय में ट्रेनों की गति और सुविधाओं में और सुधार की संभावना है।



