हमर छत्तीसगढ़

हेडमास्टर जितेंद्र गजेन्द्र पर वसूली के नए आरोप

बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में तत्कालीन सरेखा पूर्व माध्यमिक विद्यालय के हेडमास्टर जितेंद्र गजेन्द्र पर डिजिटल सिग्नेचर घोटाले में नया खुलासा—कथित तौर पर डिजिटल सिग्नेचर की अनिवार्यता बताकर अन्य शिक्षकों व कर्मचारियों को डराने और उनसे अवैध रूप से पैसे वसूलने का आरोप। जिले में 1,580 स्कूलों के शिक्षकों से कुल लगभग एक करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें गजेन्द्र की संलिप्तता की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, गजेन्द्र ने मुख्यालय में रहते हुए डिजिटल सिग्नेचर को ‘अनिवार्य’ बताकर शिक्षकों को विभागीय कार्रवाई का डर दिखाया। रायपुर की एक निजी कंपनी के सहयोग से कार्यशालाओं का आयोजन किया गया जहां सिग्नेचर बनवाने के नाम पर पैसे वसूले गए। आरोप है कि ये फीस अनुचित थी और फंड डायवर्ट किए गए। शिक्षक संघ के अध्यक्ष भुवन सिंन्हा ने बताया “इस ठगी का उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।

” 2022 से पदस्थ गजेन्द्र स्कूल से गायब रहने के बावजूद वेतन लेते रहे। उनकी अनुपस्थिति से शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित हुई, जबकि वे ऑफिस का दुरुपयोग कर फाइलें ‘तेजी से’ पास करा रहे थे। “स्कूल में बच्चे उन्हें भूल चुके थे लेकिन ठगी के लिए अब उन्हें सब जानते हैं।”

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की। हिंद सेना प्रदेश संयोजक तरुण नाथ योगी सामाजिक कार्यकर्ता मोहन निषाद राकेश जोशी ने कहा, “यह मिलीभगत का मामला है भ्रष्टाचार उखाड़ो।” प्रारंभिक जांच में संदेहास्पद लेन-देन पाए गए है बालोद शिक्षा व्यवस्था पर यह सवाल खड़ा करता है क्या डिजिटल सुविधाओं के नाम पर वसूली जायज है।

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