हमर छत्तीसगढ़
छेड़ छाड़ का आरोपी शिक्षक को ‘गर्ल्स स्कूल’

छेड़ छाड़ का आरोपी शिक्षक को ‘गर्ल्स स्कूल’
बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले का शिक्षा विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सूत्रों के अनुसार आमापारा बालोद में पदस्थ रहे व्याख्याता साकेत कुमार वर्मा पर छात्राओं को अश्लील संदेश और वीडियो भेजने के गंभीर आरोप लग चुके हैं। शिकायत की पुष्टि के बाद उन्हें दूसरे विद्यालय में अस्थायी रूप से अटैच किया गया था, परंतु बाद वही शिक्षक मोटी रकम के लेन-देन और ऊंची पहुंच के बल पर कन्या शाला बालोद में पुनः पदस्थ हो गया— यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि समाज और शिक्षा व्यवस्था पर कलंक है।सूत्रों के अनुसार, इस शिक्षक का नाम पूर्व में अतिशेष सूची में शामिल किया गया था, लेकिन रातों-रात सूची से नाम हटा दिया गया

जिसके पीछे किसी वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका और भारी वित्तीय सौदेबाजी की चर्चा है। और भी हैरानी की बात यह कि राज्य स्तर से अब तक उनकी वैध पदस्थापना नहीं हुई है, बावजूद इसके वे DEO कार्यालय में पूरे समय डेरा जमाए बैठे हैं, मानो किसी अधिकारी के समान अधिकार प्राप्त हों।वहीं दूसरी ओर, जिले की एक महिला गणित व्याख्याता को बालोद से लगभग 400 किलोमीटर दूर पदस्थ कर दिया गया — यह दोहरा मापदंड शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाता है।

जब एक छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक को गर्ल्स स्कूल में बैठा दिया जाता है और योग्य महिला शिक्षकों को प्रताड़ित कर दूर भेजा जाता है, तब यह स्पष्ट होता है कि बालोद का शिक्षा विभाग अब भ्रष्टाचार, पक्षपात और संरक्षणवाद का अड्डा बन चुका है।यह सिर्फ दुर्भाग्य नहीं — यह बालोद के प्रशासनिक तंत्र की नैतिक पराजय है।
सामाजिक कार्यकर्ता मोहन निषाद ने कहा



