हमर छत्तीसगढ़
मनीराम तराम — डौंडीलोहारा बिजली विभाग का भ्रष्टाचार सिंडिकेट! आम जनता को अंधेरे में रख, खुद चमका लिया महल”
बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला निवासी पूर्व जनपद सदस्य राजेश साहू ने कहा कि डौंडीलोहारा बिजली विभाग में पदस्थ अधिकारी मनीराम तराम का नाम अब ईमानदारी नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की मिसाल बन चुका है। जहां-जहां इस अधिकारी की पोस्टिंग हुई, वहां-वहां घोटालों की करंट से जनता झुलसी है।गांव-गांव फैला गुस्सा, मगर विभाग मौन!
डौंडीलोहारा, रेंगाडबरी, अछोली, अरजपुरी, और सुरेगांव जैसे गांवों में महीनों से लोग शिकायत कर-करके थक चुके हैं। ट्रांसफार्मर जल जाने पर महीनों तक बिजली बहाल नहीं होती, जबकि कागजों में “काम पूर्ण” दिखा दिया जाता है। ग्रामीण बताते हैं कि —
“बिजली विभाग के दफ्तर में जाओ तो कोई काम बिना चायपानी के नहीं होता। जो नहीं देता, उसका मीटर खराब दिखाकर कनेक्शन काट दिया जाता है।”
ट्रांसफार्मर घोटाला और बिलिंग लूट :- सूत्रों के अनुसार मनीराम तराम के कार्यकाल में ट्रांसफार्मर मरम्मत और बदलने के नाम पर लाखों का खेल हुआ। ठेकेदारों से मिलीभगत कर पुराने ट्रांसफार्मर को नया दिखा दिया जाता था, और बिल नई सामग्री का बनाया जाता था। यही नहीं, ग्रामीण उपभोक्ताओं के बिलों में गड़बड़ी कर बिना खपत के भी हजारों रुपये के बिल थमा दिए गए।
कमीशनखोरी का साम्राज्य
मनीराम तराम का तंत्र इतना मजबूत है कि बिना कमीशन दिए कोई भी कार्य संभव नहीं। नया कनेक्शन चाहिए? तो जेब ढीली करो। खराब मीटर बदलवाना है? तो पहले दलाल से संपर्क करो। आम जनता के पैसे से चलने वाला यह विभाग अब निजी वसूली केंद्र में बदल गया है।
अधिकारियों की मिलीभगत से बेखौफ तराम!सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारी को बार-बार क्यों संरक्षण मिलता रहा? विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सब जानते हैं, पर चुप्पी साधे हुए हैं। शायद इसलिए क्योंकि हर स्तर पर “हिस्सा” तय है।
“जब आम आदमी बिल चुकाने में खून-पसीना बहा रहा है, तो ये अधिकारी कब जवाब देंगे?”




