कलम की कमान महिलाओं के हाथ छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकारिता का राष्ट्रीय उड़ान अभियान

बालोद:- छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता अब केवल सूचनाओं के संप्रेषण तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह समाज, संस्कृति और राष्ट्रबोध के निर्माण में सशक्त भूमिका निभा रही है। इसी बदलाव की सबसे मजबूत और प्रेरक तस्वीर आज राज्य की महिला पत्रकारिता के रूप में उभरकर सामने आ रही है। जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित भारत भ्रमण कार्यक्रम इस परिवर्तन की जीवंत मिसाल बन गया है, जिसमें राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के अलग–अलग जिलों और अंचलों से चयनित कुल 26 महिला पत्रकार भारत को समझने, महसूस करने और उसे शब्दों में ढालने की अनुभव यात्रा पर निकली हैं।यह यात्रा कोई औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि दृष्टि, संवेदना और जिम्मेदारी के विस्तार का अभियान है। देश की सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक विरासत, सामाजिक संरचना और विकास के अलग–अलग मॉडलों को प्रत्यक्ष देखने का अवसर महिला पत्रकारों को न केवल जानकारी देता है, बल्कि उनकी सोच को और अधिक परिपक्व, व्यापक और धारदार बनाता है। गुजरात जैसे ऐतिहासिक और विकासशील राज्य का भ्रमण पत्रकारों को यह समझने का अवसर दे रहा है कि परंपरा और आधुनिकता किस प्रकार एक साथ आगे बढ़ सकती हैं।इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें छत्तीसगढ़ के हर जिले का प्रतिनिधित्व शामिल है। यह समावेशिता राज्य की पत्रकारिता को एक साझा राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करती है। बालोद जिले से प्रेस रिपोर्टर क्लब की महामंत्री मीना साहू की सहभागिता न केवल जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह दर्शाती है कि अब छोटे जिलों से निकलकर महिला पत्रकार राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन रही हैं। उनकी उपस्थिति यह संदेश देती है कि जमीनी पत्रकारिता और नेतृत्व क्षमता जब एक साथ आती है, तो वह पूरे क्षेत्र की पहचान बन जाती है।जिला प्रशासन बालोद और जनसंपर्क कार्यालय बालोद की भूमिका भी इस उपलब्धि में सराहनीय रही है। समन्वय, मार्गदर्शन और सकारात्मक सहयोग के माध्यम से उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि जिले की प्रतिभा को उचित अवसर और मंच मिले। यह प्रशासन और पत्रकारिता के बीच स्वस्थ संवाद और साझेदारी का उदाहरण है, जो लोकतंत्र की नींव को और मजबूत करता है।महिला पत्रकारों की यह यात्रा इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि यह उस दौर का प्रतीक है, जहां महिलाएं अब केवल घटनाओं की रिपोर्टर नहीं, बल्कि विचार, विश्लेषण और दिशा देने वाली नेतृत्वकर्ता बन रही हैं। वे समाज के उन पहलुओं को उजागर करती हैं, जो अक्सर हाशिये पर रह जाते हैं—महिलाएं, बच्चे, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और सामाजिक न्याय। इस भ्रमण से लौटकर उनकी लेखनी में अनुभव की गहराई, दृष्टिकोण की स्पष्टता और सवाल पूछने की नई ताकत दिखाई देगी।जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ की यह दूरदर्शी पहल निस्संदेह प्रशंसा के योग्य है। पत्रकारों को राज्य की सीमाओं से बाहर निकालकर भारत को समझने का अवसर देना, वास्तव में राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका को मजबूत करना है। इस कार्यक्रम को प्रोत्साहन देने और महिला पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति सभी महिला पत्रकारों ने आभार व्यक्त किया है।कुल मिलाकर, यह भारत भ्रमण कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकारिता के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह यात्रा केवल शहरों और स्मारकों की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, पहचान और जिम्मेदारी की यात्रा है। कलम जब अनुभव से जुड़ती है, तो वह केवल खबर नहीं लिखती—वह इतिहास रचती है। छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकार आज उसी इतिहास की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रही हैं।
श्रीमती अंजू नायक, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क विभाग ने कहा कि
26 महिला पत्रकारों का दल एक सप्ताह के अध्ययन भ्रमण पर गुजरात आया है। वे यहां के ऐतिहासिक शहरों का भ्रमण करेंगे। छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकार दूसरे राज्यों को भी बेहतर ढंग से जान सके, वहां की संस्कृति, ऐतिहासिक स्थलों और लोगों के बारे में अच्छी समझ विकसित कर सकें, इसके लिए जनसंपर्क विभाग महिला पत्रकारों को भ्रमण पर लेकर आया है। राज्य के महिला पत्रकारों का इस तरह के भ्रमण का यह पहला मौका है।



