हमर छत्तीसगढ़

डोटोपार में कानून की धज्जियाँ उड़ाता अवैध ईंट भट्ठा पर्यावरण, श्रम और राजस्व पर खुला हमला

संवाददाता उतम साहू

बालोद/पलारी:- गुरूर विकासखंड के ग्र्राम डोटोपार में सनौद सहित आसपास के निवासी क्रमशः दुरदेशी राम, रूपेश साहू, खिलेश्वर, राजेश साहू, तिजु , अंतु निषाद, चंद्रमणी साहू, परदेशी, निवेश, बोधनाथ साहू, सत्येन्द्र, झालेन्द्र आदि के द्वारा शासन प्रशासन के नाक के नीचे से बिना रोकटोक के अवैध रूप से ईंट भट्टा का संचालन करते हुए क्षेत्र के पूरा आबोहवा की सेहत बिगाड़ रहे हैं। ईंट भट्टा संचालको के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि ये बड़े पैमाने पर ईंट का निर्माण कर शासकीय व निजी जमीन का खनन कर राजस्व को होने वाले आय का भी नुकसान करते हुए ईट पकाने प्रतिबंधत अर्जुन पेड़ों को भट्ठा में झोंक रहे है ईट पकाने भट्टे की चिमनी से निकलने वाले धुएं में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की मात्रा होने से लोगों में सांस की बीमारी अधिक हो रहे है पूरा क्षेत्र आग की राख धुल हवा के साथ उड़कर स्वास्थ्य पर प्रभाव, वातावरणीय, वातावरणीय क्षति, मृदा क्षरण, जलवायु परिवर्तन होने से आमजनों को नान प्रकार के संक्रामण के साथ इस प्रदूशण से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। इस अवैध ईंट भट्ठा संचालक द्वारा दूर दराज के मजदूरों को लाकर काम करा रहे है इन दूर दराज से आये हुए मजदूरों की सूचना शासन  प्रशासन सहित पुलिस को सूचनार्थ भी नही किया गया है ईंट भट्ठा में मौजूद एक कर्मचारी से रिकार्डेड बातचीत की, जिससे इसका पर्दाफाश होता दिख रहा है कि यहां ईंट निर्माण को लेकर खनिज विभाग से अनुमति ही नहीं ली गई है। यहां चल रहे इस अवैध ईट भट्ठा के कारण फैल रहे पदुषण  से कई किसान, मजदूर खेतों की ओर नही जा पा रहे है इस अवैध ईंट भट्टा में अवैध तरीके से मिट्टी, चोरी की बिजली और पानी का उपयोग किया जा रहा है. इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खनिज विभाग से ईंट-भट्ठा संचालित करने के लिए अनुमति प्रदान नहीं की गई है। इस अवैध ईंट भट्ठा संचालक धरती का सीना चीर कर लाखों रुपये का वारा न्यारा करने में लगे हुए हैं तहसीलदार निष्क्रियता से ग्रामीणों में रोष इस गांव में चल रहे अवैध ईट भट्ठों से हो रही दूषित  वातावरण सहित कई कारणों के निदान के लिए क्षेत्र के गणमान्य प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा वर्तमान पदस्थ तहसीलदार को सूचनार्थ पर सिर्फ आश्वासन देने का ही दायित्व निभाने की आदत से क्षेत्रवासी इस तहसीलदार के प्रति नाराजगी के साथ इसका उक्त अवैध ईट भट्ठा संचालकों के साथ मिलीभगत का चर्चा भी जोरे से चल रहा है  प्रशासन मेरा कुछ नही बिगाड़ सकते- अवैध ईंट भट्ठा संचालक यहां संचालित अवैध ईंट भट्ठा उक्त संचालकां का कहना है कि धान कटाई के बाद धान पराली जलाने वाले किसानों द्वारा शासन द्वारा कार्रवाही किया गया लेकिन मेरे द्वारा यहां संचालित इस ईंट भट्ठा का तहसीलदार, एसडीएम सहित कहीं भी शिकायत कर लो मेरे पर ऊपर कोई कार्रवाही नही होगा ईंट भट्ठा चलाने के लिए अनुमति लेना जरूरी अवैध ईंट भट्ठा संचालक दुर्गेशी राम के पास ईंट भट्ठा चलाने के लिए अनुमति संबंधित कोई कागजात कुछ भी नहीं है, जबकि पर्यावरण लाइसेंस व पदुषण  विभाग से एनओसी जारी होना चाहिए ईट भट्टा चलाने के लिए जिला पंचायत, प्रदूशण विभाग और पर्यावरण विभाग की अनुमति लेना जरूरी है। लेकिन इन सभी नियमों को दरकिनार कर ईंट बनाए जा रहे हैं। कहीं भी ईंट भट्ठा खोलने के लिए खनिज विभाग की अनुमति जरूरी होती है। खेत में भी अगर ईंट बना रहे हैं तो कृशि विभाग की सहमति जरूरी है। काटे जा रहे हरे-भरे पेड़ इस अवैध ईट भट्ठा में ईंट पकाने के लिए अवैध रूप से हरे भरे पेड़ां को काटकर खपाई जा रही हैं। प्रतिबंधित अर्जुन (कौहा), सागौन, महुआ, जाम, साजा जैसे अनमोल पेड़ों को भी काटने की शिकायत मिल चुकी है। यूं कहें कि पेड़ों को काटकर ईंट पका रहे हैं

Related Articles

Back to top button