हमर छत्तीसगढ़

5000 शिक्षकों की सीधी भर्ती युवा शक्ति के लिए सुनहरा अवसर, शिक्षा क्रांति की निर्णायक पहल

 

रिपोर्टर :- मीनू साहु 

बालोद। छत्तीसगढ़ में शिक्षा क्षेत्र को नई ऊर्जा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में 5000 शिक्षकों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ होने जा रही है। इस भर्ती परीक्षा का संभावित कार्यक्रम जारी होते ही अभ्यर्थियों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। इस पहल को लेकर बालोद भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने प्रतियोगी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बताया।राज्य में लंबे समय से शिक्षकों की कमी महसूस की जा रही थी, जिससे शिक्षण व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। अब यह भर्ती अभियान न केवल रिक्त पदों को भरेगा, बल्कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण अध्यापन सुनिश्चित करने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी व्यावसायिक परीक्षा मंडल, छत्तीसगढ़ (VYAPAM) को सौंपी गई है, जिसने विस्तृत समय-सारिणी जारी की है। तय कार्यक्रम के अनुसार सहायक शिक्षक की परीक्षा 11 अक्टूबर, शिक्षक की परीक्षा 25 अक्टूबर तथा व्याख्याता की परीक्षा 29 नवंबर 2026 को संभावित रूप से आयोजित की जाएगी।जिलाध्यक्ष देशमुख ने कहा कि यह भर्ती केवल रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि ज्ञान आधारित समाज निर्माण की दिशा में ठोस पहल है। उनके अनुसार जब विद्यालयों में सक्षम, प्रशिक्षित और ऊर्जावान शिक्षक पहुंचेंगे, तब विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा और परिणामस्वरूप राज्य की शैक्षणिक उपलब्धियां नई ऊंचाइयों को स्पर्श करेंगी।इस अभियान से ग्रामीण अंचलों के स्कूलों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां अक्सर संसाधनों और शिक्षकों की कमी चुनौती बन जाती है। योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान कर प्रशासन ने पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा की भावना को भी प्रोत्साहित किया है। चयन प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिभाशाली युवाओं को मंच मिलेगा, जिससे वे समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे।युवा वर्ग के लिए यह समय पूरी निष्ठा, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करने का है। परीक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का अवसर भी है। जो अभ्यर्थी इस चुनौती को स्वीकार करेंगे, वही आने वाली पीढ़ी के मार्गदर्शक बनेंगे।प्रदेश में शिक्षा सुधार की यह पहल दूरगामी परिणाम लेकर आएगी। सशक्त शिक्षक, सुदृढ़ विद्यालय और शिक्षित समाज—इसी सूत्र के साथ यह भर्ती अभियान भविष्य की दिशा तय करेगा। अब आवश्यकता है समर्पित प्रयासों की, ताकि यह अवसर सफलता में परिवर्तित हो सके और छत्तीसगढ़ ज्ञान, प्रगति तथा आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सके।

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