छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं को मिली ऐतिहासिक सौगात 25 लाख किसानों के खातों में 10,000 करोड़ रुपये का सीधा हस्तांतरण!

संपादक :- मीनू साहु
रिपोर्टर:- उत्तम साहु
छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई मिसाल – विष्णु देव साय सरकार का किसान-हितैषी कदम
बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के करीब 1 लाख 48 हजार किसानों के खातों में 511 करोड़ रुपये पहुंचे हैं। जिले भर में किसान सम्मेलन आयोजित हो रहे हैं, जहां अन्नदाताओं की उपस्थिति में यह राशि वितरण समारोहपूर्वक हो रहा है। यह सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।जिला स्तर पर भी यह उत्सव छाया हुआ है।भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि करार देते हुए कहा कि साय सरकार ने संकल्प को सिद्धि में बदल दिया। जहां विपक्ष केवल राजनीति करता था, वहां आज ठोस निर्णयों से किसानों का चेहरा चमक रहा है। जिला महामंत्री राकेश छोटू यादव और सौरभ लूनिया ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी की सराहना की, जिनके मजबूत वित्तीय अनुशासन और ईमानदार प्रबंधन से इतनी बड़ी राशि का सुचारु वितरण संभव हुआ। जब नेतृत्व स्पष्ट नीयत वाला हो, तो संसाधनों की कोई कमी नहीं रहती!विपक्ष अब निरुत्तर है। जो लोग किसानों के नाम पर केवल भाषणबाजी करते थे, वे इस क्रांतिकारी कदम के सामने खामोश हैं। साय सरकार ने स्पष्ट कर दिया – किसान सम्मान भाषणों से नहीं, क्रियान्वयन से मिलता है। यह भुगतान न केवल आर्थिक मजबूती देगा, बल्कि कृषि को नई दिशा भी प्रदान करेगा।रायपुर से लेकर गांव-गांव तक उत्साह की लहर दौड़ रही है! मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्णायक नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भाजपा केवल वादे नहीं, ठोस परिणाम और कार्यों की राजनीति करती है। कृषक उन्नति योजना के तहत प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 10,000 करोड़ रुपये (वास्तविक आंकड़ों में लगभग 10,324 करोड़) की अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान हो चुका है। यह धन सीधे अन्नदाताओं तक पहुंचा – बिना किसी बिचौलिए, बिना किसी देरी के। होली के पहले यह सौगात किसानों के लिए वास्तव में रंगों और खुशियों से भरी दिवाली साबित हुई है!पूर्व सरकारों के दौर में किसान आश्वासनों के जाल में फंसे रहते थे, लेकिन साय सरकार ने सत्ता संभालते ही किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। धान की खरीदी पर 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य सुनिश्चित कर, केंद्र के MSP से अतिरिक्त अंतर राशि का भुगतान तुरंत किया गया। यह न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि किसानों के स्वाभिमान और मेहनत का सम्मान है। जहां पहले लंबित बकाया और भ्रष्टाचार की कहानियां आम थीं, वहीं आज पारदर्शिता और त्वरित क्रियान्वयन से किसान परिवारों में समृद्धि के नए सपने पनप रहे हैं।भाजपा सरकार किसान, युवा और गांव के सशक्तिकरण के लिए पूर्णतः समर्पित है। समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल छत्तीसगढ़ का निर्माण जारी रहेगा। अन्नदाता की खुशी ही प्रदेश की असली खुशहाली है – जय किसान! जय छत्तीसगढ़!



