बालोद पलारी विद्युत विभाग की घोर लापरवाही ने ली दो बेजुबान मवेशियों की जान
जिम्मेदारों की उदासीनता पर उठे गंभीर सवाल

संपादक:- मीनू साहू
बालोद/गुरूर :- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुरूर ब्लॉक अंतर्गत थाना सनौद क्षेत्र के ग्राम पड़कीभाट में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही का एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार ग्रामीण भानसिंह के दो मवेशियों की मौत चेतन साहू के खेत में फैले विद्युत करंट की चपेट में आने से हो गई। इस घटना ने न केवल ग्रामीणों को झकझोर दिया है, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली की पोल भी खोलकर रख दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से विद्युत लाइनों और उपकरणों के रखरखाव को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी। जर्जर तारों, ढीले कनेक्शनों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या के समाधान के बजाय आंखें मूंदे रखना ही उचित समझा। परिणामस्वरूप दो बेजुबान मवेशियों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
यह घटना केवल पशुहानि का मामला नहीं है, बल्कि विभागीय निष्क्रियता, गैरजिम्मेदारी और संवेदनहीनता का प्रत्यक्ष उदाहरण बनकर उभरी है। यदि खेत में फैला करंट किसी ग्रामीण, किसान या बच्चे की जान ले लेता तो इसकी जवाबदेही कौन तय करता? यह सवाल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की सुस्त व्यवस्था और निरीक्षण तंत्र की कमजोरी के कारण ऐसी दुर्घटनाएं लगातार घटित हो रही हैं।
हैरानी की बात यह है कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के दावे करने वाला विभाग जमीनी स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल नजर आ रहा है। नियमित निगरानी, तकनीकी परीक्षण और जोखिम वाले स्थलों की पहचान जैसी मूलभूत जिम्मेदारियां भी प्रभावी ढंग से निभाई नहीं जा रही हैं। यही कारण है कि दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
ग्रामीणों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी
अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मृत मवेशियों के मालिक को उचित मुआवजा देने तथा पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग भी उठाई है।
पड़कीभाट की यह घटना स्पष्ट संकेत देती है कि यदि विभाग ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो ऐसी लापरवाही भविष्य में और भी बड़े हादसों को जन्म दे सकती है। जनता अब जवाब चाहती है कि आखिर दो बेजुबान जानों की कीमत कौन चुकाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी।



