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खरीफ 2026 की तैयारियां मजबूत दुर्ग संभाग में किसानों के लिए खाद-बीज का व्यापक

दुर्ग संभाग के अंतर्गत दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों

 

संपादक:- मीनू साहू 

बालोद:- खरीफ सीजन 2026 को सफल और उत्पादक बनाने के लिए दुर्ग संभाग में कृषि विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। खेती-किसानी से जुड़े आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उर्वरकों और बीजों का पर्याप्त भंडारण किया गया है, जिससे किसानों को समय पर आवश्यक सामग्री प्राप्त हो सके और खेती के कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हों।

दुर्ग संभाग के अंतर्गत दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों में कृषि गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष किसानों को बड़ी मात्रा में उर्वरकों का वितरण किया गया था, वहीं इस वर्ष भी मांग को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था बनाई गई है। वर्तमान में यूरिया, डीएपी, एसएसपी, पोटाश तथा एनपीके सहित विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे किसानों को जरूरत के अनुरूप सामग्री मिल रही है।

कृषि विभाग द्वारा सहकारी समितियों, प्राथमिक कृषि साख समितियों, निजी विक्रेताओं तथा विपणन संस्थाओं के माध्यम से वितरण प्रणाली को मजबूत किया गया है। बड़ी मात्रा में खाद का वितरण पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष भंडार आगामी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सुरक्षित रखा गया है। इससे स्पष्ट है कि कृषि क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक स्तर पर दूरदर्शी योजना बनाई गई है।

बीज उपलब्धता की स्थिति भी संतोषजनक बनी हुई है। धान सहित विभिन्न फसलों के लिए बड़ी मात्रा में गुणवत्तायुक्त बीज संग्रहित किए गए हैं। अधिकांश भंडारित बीज किसानों तक पहुंचाए जा चुके हैं और शेष स्टॉक आगामी मांग को पूरा करने के लिए उपलब्ध है। इससे किसानों को बोवनी कार्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।संयुक्त संचालक कृषि श्रीमती गोपिका गभेल ने बताया कि खरीफ फसलों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन स्टॉक, आपूर्ति और वितरण की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, सत्यापन तथा निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही जमाखोरी, कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली जैसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

उन्होंने किसानों से संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने तथा आवश्यकता के अनुरूप ही उर्वरक क्रय करने की अपील की है। विभाग का लक्ष्य प्रत्येक कृषक तक समय पर संसाधन पहुंचाना है। पर्याप्त भंडारण, सुव्यवस्थित वितरण व्यवस्था और सतत निगरानी के कारण दुर्ग संभाग में खरीफ 2026 के दौरान खाद एवं बीज की किसी प्रकार की कमी की संभावना नहीं है, जिससे बेहतर उत्पादन और समृद्ध कृषि की उम्मीद और मजबूत हुई है।

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