नगर पंचायत पलारी में 07 फरवरी से श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ महोत्सव आस्था, भक्ति और संस्कारों का सात दिवसीय दिव्य संगम

रिपोर्टर:- उत्तम साहू
बालोद/पलारी :—छत्तीसगढ़ के बालोद जिले अंतर्गत नगर पंचायत पलारी की पावन धरा एक बार फिर भक्ति, ज्ञान और सनातन संस्कारों के आलोक से प्रकाशित होने जा रही है। समस्त नगरवासियों एवं क्षेत्र के श्रद्धालुओं के सहयोग से 07 फरवरी से 14 फरवरी तक श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस आध्यात्मिक महोत्सव में सुप्रसिद्ध कथा व्यास एवं प्रवक्ता रूचिता तिवारी द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का रसपूर्ण वाचन किया जाएगा।
महोत्सव का शुभारंभ 07 फरवरी, शनिवार को अपरान्ह 3 बजे कलश यात्रा के साथ होगा। इसके पश्चात कथा प्रारंभ एवं शनि देव महोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें नगर की महिलाएं, पुरुष एवं युवा वर्ग पारंपरिक भक्ति भाव के साथ सहभागिता करेंगे। यह कलश यात्रा नगर में सकारात्मक ऊर्जा, मंगलकामना और आध्यात्मिक चेतना का संदेश प्रसारित करेगी।
08 फरवरी, रविवार को कपिल मुनि व्याख्यान एवं ध्रुव चरित्र के माध्यम से भक्ति, धैर्य और तपस्या के आदर्शों का वर्णन होगा।
09 फरवरी, सोमवार को अजामिल उपाख्यान तथा भक्त प्रह्लाद चरित्र के प्रसंगों द्वारा यह संदेश दिया जाएगा कि सच्ची भक्ति हर परिस्थिति में ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग है।
10 फरवरी, मंगलवार को वामन अवतार, राम अवतार और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथाएं श्रद्धालुओं को धर्म, मर्यादा और प्रेम का महत्व समझाएंगी।
11 फरवरी, बुधवार को बाल कृष्ण चरित्र, माखन चोर लीला, गिरिराज एवं गोवर्धन पूजा, 55 भोग तथा महारास का भावपूर्ण वर्णन होगा, जो भक्ति रस को चरम पर ले जाएगा।
12 फरवरी, गुरुवार को कंस वध, गोपी संवाद एवं श्रीकृष्ण–रुक्मिणी विवाह के प्रसंग जीवन में अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देंगे।
13 फरवरी, शुक्रवार को सुदामा चरित्र, भगवान के गोलोक गमन तथा परीक्षित मोक्ष की कथाओं के साथ चढ़ौत्तरी का आयोजन होगा, जो त्याग, मित्रता और सच्चे प्रेम की भावना को सुदृढ़ करेगा।
महोत्सव का समापन 14 फरवरी, शनिवार को गीता पाठ, हवन एवं तुलसी वर्षा के साथ होगा। यह दिन आत्मशुद्धि, समाज कल्याण और विश्व शांति की कामना का प्रतीक बनेगा।
कथा वाचन प्रतिदिन अपरान्ह 1 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन प्रातः वेदी पूजन, संकीर्तन, आरती एवं तुलसी परिक्रमा संपन्न होगी। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक जीवन दृष्टि को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है।
नगर पंचायत पलारी के सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सपरिवार इस दिव्य महोत्सव में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करें और आध्यात्मिक ऊर्जा से अपने जीवन को आलोकित करें।



