बालोद में अफसरशाही बेलगाम — भाजपा शहर मंडल की अनदेखी और भ्रष्टाचार की खुली छूट

बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में प्रशासनिक तंत्र अब पूरी तरह निरंकुश नजर आ रहा है। सत्तारूढ़ दल भाजपा के शहर मंडल को जिस तरह योजनाबद्ध तरीके से दरकिनार किया जा रहा है, वह केवल लापरवाही नहीं बल्कि सत्ता का खुला अपमान है। सरकारी कार्यक्रमों के आमंत्रण पत्रों से शहर मंडल पदाधिकारियों के नाम गायब होना इस बात का प्रमाण है कि जिले के अधिकारी अब राजनीतिक मर्यादाओं को ठेंगा दिखा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, आगामी मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह कार्यक्रम के आमंत्रण कार्ड में भी शहर मंडल के किसी पदाधिकारी को महत्व नहीं दिया गया है।
यह वही योजना है जो बालोद जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की कथित कमाई का सबसे बड़ा जरिया मानी जाती है। हर आयोजन किसी न किसी विवाद में घिरता है, लेकिन जवाबदेही तय करने के बजाय हर बार मामले को दबा दिया जाता है।पिछले आयोजन में लाखों-करोड़ों के घोटाले की चर्चाएं पूरे जिले में गूंजती रहीं, बावजूद इसके न जांच हुई और न ही किसी अधिकारी पर ठोस कार्रवाई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह जैसा सरकारी आयोजन किसी निजी राइस मिल में कराया जा रहा है। जिले में पर्याप्त सरकारी भवन और सार्वजनिक स्थल मौजूद होने के बावजूद निजी स्थान का चयन कमीशनखोरी की आशंका को और मजबूत करता है।
जिला प्रशासन की चुप्पी भी कम संदिग्ध नहीं है। कार्रवाई करने के बजाय ऐसे विभागों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिन पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। बालोद जिला धीरे-धीरे भ्रष्टाचार का गढ़ बनता जा रहा है।



