हमर छत्तीसगढ़

जन सेवा केंद्र वाले ग्रामीणों को लुट रहे हैं।भोले भाले लोग मजबूरी में दे रहे हैं पैसे जिला प्रशासन बना मुख बधिर

 

रिपोर्टर :- उत्तम 

बालोद/ पलारी :- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में जन सेवा केंद्र छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एक डिजिटल सेवा केंद्र है, जो ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में निवासियों को सरकारी, वित्तीय और बैंकिंग सेवाएं प्रदान करता है। लेकिन छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के विकासखंड गुरूर के 122 गांवों में यह सेवा “जन सेवा” नहीं बल्कि “धन वसूली केंद्र” के रूप में संचालित हो रही है। व्यवस्था के नाम पर खुली लूट का खेल जारी है और जिम्मेदार तंत्र आंख मूंदे बैठा है।इन केंद्रों में सेवा प्राप्ति के लिए जैसे ही कोई अनपढ़ या जरूरतमंद ग्रामीण पहुंचता है, संचालकों की बांछें खिल उठती हैं। दस्तावेज़ों की प्रति पेज निर्धारित 10 रुपये की दर बताकर पहले कागजों का ढेर तैयार कराया जाता है, फिर “सर्वर डाउन”, “पटवारी उपलब्ध नहीं”, “अधिकारी के हस्ताक्षर बाकी” जैसे बहाने बनाकर दिनों तक घुमाया जाता है। हर चक्कर के साथ अतिरिक्त रकम वसूली जाती है। यह प्रक्रिया सुविधा नहीं, सुनियोजित शोषण का हथियार बन चुकी है।

ग्रामीणों की मजबूरी का फायदा

विकासखंड के ग्रामीण समय और किराए की बचत के लिए गांव में ही काम निपटाने की उम्मीद से जन सेवा केंद्र पहुंचते हैं। खेत से जुड़ी ऋण पुस्तिका, बी-1, पी-2, नक्शा, जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंकिंग कार्य—हर जरूरत के लिए इन्हीं केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन उनकी इसी मजबूरी को मुनाफे का जरिया बना दिया गया है। अधिक वसूली के खिलाफ शिकायत की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाता, क्योंकि उन्हें डर है कि अगली बार उनका काम रोक दिया जाएगा। भोले-भाले, अशिक्षित ग्रामीणों से मनमानी रकम ऐंठना यहां आम बात बन गई है।

जन सेवा केंद्रों की सुविधा

यह केंद्र आधार अपडेट, पैन कार्ड, आय-जाति-निवासी प्रमाण पत्र, बिल भुगतान और विभिन्न योजनाओं के फॉर्म भरने सहित 40 से अधिक डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराता है।

जन सेवा केंद्र की मुख्य विशेषताएं और सेवाएं

सरकारी सेवाएँ: आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन।

बैंकिंग और वित्तीय:

आधार सक्षम भुगतान प्रणाली, धन हस्तांतरण, बैंकिंग सेवाएं और बीमा।डिजिटल सेवाएँ: पैन कार्ड, आधार अपडेट, पासपोर्ट आवेदन, टिकट बुकिंग (ट्रेन/फ्लाइट), विभिन्न प्रकार के बिल भुगतान।शिक्षा और कौशल: परीक्षा फॉर्म भरना, परिणाम देखना, डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना।ग्रामीण उद्यमिता वीएलई (विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर) के रूप में कार्य कर आय अर्जित करने का अवसर।
यही केंद्र ग्रामीण सशक्तिकरण और पारदर्शी प्रशासन की मजबूत कड़ी बनने के लिए स्थापित किए गए थे, ताकि आम जनता तक सीधे योजनाओं का लाभ पहुंचे। लेकिन जब सेवा के नाम पर शोषण होने लगे, तो यह व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। अब जरूरत है कड़ी जांच, सख्त कार्रवाई और पारदर्शी दर सूची के सार्वजनिक प्रदर्शन की। अन्यथा “जन सेवा” का यह ढांचा जनता के विश्वास को चकनाचूर करता रहेगा और लूट का यह खेल निर्भीकता से चलता रहेगा।

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