आस्था की गूंज से सजेगा नगर घोड़ा मंदिर से उठेगी श्रीरामनवमी उत्सव की भव्य शुरुआत

संपादक :- मीनू साहु
बालोद:- बालोद जिला में इस वर्ष श्रीरामनवमी पर्व को ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। दल्ली राजहरा नगर पालिका वार्ड क्रमांक 13 स्थित सार्वजनिक श्रीहनुमान मंदिर, जिसे श्रद्धालु प्रेमपूर्वक “घोड़ा मंदिर” के नाम से जानते हैं, वहां भक्तिभाव और उत्साह से परिपूर्ण वातावरण के बीच श्रीरामनवमी महोत्सव की प्रारंभिक रूपरेखा तय की गई। मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में श्रद्धालुओं और आयोजन समिति के सदस्यों ने मिलकर इस पावन अवसर को भव्य और यादगार बनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने पवनसुत बजरंगबली के चरणों में नतमस्तक होकर आगामी आयोजन की सफलता के लिए आशीर्वाद मांगा। परंपरा और श्रद्धा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब श्रीरामनवमी महोत्सव का पहला निमंत्रण हनुमान जी को समर्पित किया गया। यह प्रतीकात्मक परंपरा केवल धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि यह संदेश भी देती है कि हर शुभ कार्य प्रभु स्मरण से आरंभ होना चाहिए।बैठक के दौरान आयोजन समिति ने आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत योजना पर गंभीर चर्चा की। श्रीराम प्रकटोत्सव के अवसर पर निकलने वाली शोभायात्रा को विशेष आकर्षण का केंद्र बनाने की योजना तैयार की गई। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरने वाली इस भव्य यात्रा में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को झांकियों के माध्यम से प्रदर्शित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे युवा पीढ़ी को भी रामायण के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया जा सके।मंदिर परिसर की सजावट, भजन संध्या, सामूहिक आरती, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और धार्मिक अनुष्ठानों को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाने की रूपरेखा बनाई गई। आयोजन समिति ने यह भी तय किया कि इस उत्सव में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश भी मजबूत हो सके। अलग-अलग जिम्मेदारियाँ तय करते हुए समिति के सदस्यों ने अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।इस महत्वपूर्ण बैठक में विशाल मोटवानी, विजय भान, सूरज गुप्ता, सागर गनवीर, ईश्वर साहू, वीरेंद्र कुमार साहू, गजेंद्र भाई, ज्ञानेश्वर प्रसाद, मुकेश खस, प्रमोद भाई, सीमी भाई, राहुल शर्मा और रोहित सहित कई कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि पूरे नगर की आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनेगा।समिति ने नगरवासियों से अपील की है कि वे इस पावन पर्व में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाएं और श्रीरामनवमी महोत्सव को श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समरसता का अद्वितीय उदाहरण बनाएं। जब भक्ति, संगठन और जनभागीदारी एक साथ जुड़ते हैं, तब उत्सव केवल आयोजन नहीं रह जाता—वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा का पर्व बन जाता है



