गरीबी की जमीन से राष्ट्रीय गौरव तक पहुंची भानेश्वरी, गोल्ड मेडल ने चमकाया कुरदी का नाम
जम्मू-कश्मीर में 15वीं राष्ट्रीय वॉविनाम मार्शल आर्ट चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन, दो राज्यों की प्रतिभागियों को हराकर हासिल किया प्रथम स्थान

संपादक :- मीनू साहू
बालोद/गुण्डरदेही:- हौसले बुलंद हों तो अभाव रास्ते की दीवार नहीं बन सकते। सीमित संसाधनों के बीच मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर बालोद जिला के गुंडरदेही विधान सभा के ग्राम पंचायत कुरदी की बेटी भानेश्वरी निषाद ने वह मुकाम हासिल किया है, जिस पर आज पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर भानेश्वरी ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण अंचल की बेटियों में भी देश के बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करने का पूरा सामर्थ्य है।ग्राम कुरदी के अत्यंत गरीब परिवार से आने वाली भानेश्वरी निषाद ने 15वीं राष्ट्रीय वॉविनाम मार्शल आर्ट चैंपियनशिप, जम्मू-कश्मीर में शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने दो राज्यों से आई प्रतिभागी बेटियों को पराजित करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने अपने परिवार के साथ-साथ ग्राम कुरदी और पूरे क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।भानेश्वरी की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उनके सामने संसाधनों की सीमाएं थीं, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों को अपनी कमजोरी बनने नहीं दिया। अभ्यास, लगन और आत्मविश्वास के सहारे उन्होंने प्रतियोगिता में अपना दम दिखाया और स्वर्ण पदक जीतकर साबित कर दिया कि प्रतिभा को अवसर मिले तो गांव की बेटी भी बड़े मंच पर तिरंगा ऊंचा कर सकती है।
ढोल-नगाड़ों से हुआ बेटी का भव्य स्वागत
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सफलता के बाद जब भानेश्वरी निषाद ग्राम पंचायत कुरदी पहुंचीं तो ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और आरती के साथ बेटी का अभिनंदन किया गया। ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया। यह स्वागत केवल एक खिलाड़ी के सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे गांव की सामूहिक खुशी का अवसर बन गया।इस मौके पर पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू ने भानेश्वरी निषाद और उनके माता-पिता का सम्मान करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बेटी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा क्षेत्र के युवाओं और बेटियों से खेल के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।वीरेंद्र साहू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग उपलब्ध कराने की है। उन्होंने सरकार एवं प्रशासन से ग्रामीण प्रतिभावान बच्चों को बेहतर सुविधाएं और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीर पहल करने का आग्रह किया।
खदान पट्टेदारों ने भी बढ़ाया सहयोग का हाथ
भानेश्वरी की उपलब्धि से प्रभावित होकर ग्राम पंचायत कुरदी के खदान पट्टेदारों ने भी उनका सम्मान किया और आर्थिक सहयोग प्रदान किया। इस सहयोग से खिलाड़ी के आगामी सफर को मजबूती मिलने की उम्मीद है।ग्रामीण स्तर पर प्रतिभाओं को इस तरह सम्मान और आर्थिक मदद मिलना एक सकारात्मक संदेश है। यदि समाज, जनप्रतिनिधि, प्रशासन और स्थानीय संस्थाएं मिलकर खिलाड़ियों का साथ दें, तो अनेक ग्रामीण प्रतिभाएं राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।सम्मान समारोह के दौरान भानेश्वरी निषाद ने ग्रामवासियों, पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू और खदान पट्टेदारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने मिले प्रोत्साहन को अपने आगामी लक्ष्य के लिए प्रेरणा बताया।कार्यक्रम में टोमन साहू, पूनम साहू सरपंच ग्राम पंचायत कुरदी, पंकज चौधरी, संजय साहू मंडल उपाध्यक्ष एवं पूर्व सरपंच ग्राम कुरदी, नोहर साहू, सोमन निषाद, संतोष तारम, शिव देवांगन, केशुराम साहू, छबिलाल कोर्राम, तुकाराम साहू, खदान पट्टेदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
एक मेडल, हजारों सपनों की प्रेरणा
भानेश्वरी निषाद की यह कामयाबी केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह उन तमाम ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं। जम्मू-कश्मीर की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर कुरदी की इस बेटी ने साबित कर दिया कि मंजिल संसाधनों से नहीं, बल्कि संकल्प और संघर्ष से हासिल की जाती है।अब जरूरत है कि भानेश्वरी जैसी प्रतिभाओं का सफर यहीं न रुके, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रशिक्षण, संसाधन और प्रोत्साहन मिलता रहे। कुरदी की इस बेटी ने जो शुरुआत की है, वह आने वाले समय में क्षेत्र के अनेक बच्चों के लिए प्रेरणा का रास्ता खोल सकती है।भानेश्वरी निषाद को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।



