मितानिनों की आवाज से मजबूत हुआ जनस्वास्थ्य संवाद, गुरुर में स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन का प्रभावशाली आयोजन

बालोद /गुरूर:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले अंतर्गत गुरुर विकासखंड के तहसील साहू सदन में आज मितानिनों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन एवं जनसंवाद ने जनस्वास्थ्य, स्वच्छता और सामुदायिक सहभागिता के मुद्दों को नई धार दी। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि जमीनी स्वास्थ्य चुनौतियों, महिलाओं की भूमिका और ग्रामीण व्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक सशक्त मंच के रूप में उभरा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक संजारी-बालोद श्रीमती संगीता भैया राम सिन्हा रहीं। उन्होंने मितानिनों को ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और जनजागरूकता में मितानिनों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जब तक अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं पहुंचेंगी, तब तक विकास अधूरा रहेगा। शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मितानिनों की भूमिका निर्णायक है।सम्मेलन की अध्यक्षता जनपद पंचायत गुरुर की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य पंचायत जैसे आयोजन लोकतांत्रिक संवाद को मजबूती देते हैं। यहां समस्याएं केवल रखी नहीं जातीं, बल्कि समाधान की दिशा भी तय होती है। उन्होंने स्वच्छता, पोषण और महिला स्वास्थ्य को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए निरंतर संवाद की आवश्यकता पर बल दिया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत बालोद के सभापति तेजराम साहू एवं चंद्रिका यशवंत साहू, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी अशोक साहू, जनपद पंचायत गुरुर के उपाध्यक्ष दुर्गानंद साहू तथा नगर पंचायत गुरुर के अध्यक्ष प्रदीप साहू की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और गरिमा प्रदान की। सभी अतिथियों ने एक स्वर में मितानिनों के अनुभवों को नीति-निर्माण से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।जनसंवाद सत्र के दौरान मितानिनों ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, कुपोषण, स्वच्छ पेयजल, नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता अभियानों से जुड़े विषयों पर खुलकर विचार रखे। यह संवाद स्पष्ट रूप से बताता है कि जब जमीनी कार्यकर्ता बोलते हैं, तो वास्तविक तस्वीर सामने आती है।कार्यक्रम में विनीत का दायित्व ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति गुरुर द्वारा निभाया गया। आयोजन का उद्देश्य केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का बोध कराना रहा। यह सम्मेलन इस बात का प्रमाण बना कि सामाजिक सरोकार, जनभागीदारी और संवेदनशील नेतृत्व मिलकर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं।
कुल मिलाकर, गुरुर में आयोजित यह स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन न केवल मितानिनों के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि स्वस्थ समाज के निर्माण की ओर एक ठोस कदम के रूप में याद रखा जाएगा।



