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हर घर जल से बदली नगर पंचायत पलारी की तक़दीर, जल जीवन मिशन बना खुशहाली का आधार

संवाददाता:- उत्तम साहू

बालोद/पलारी:- छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सशक्त नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर उतारने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी दूरदर्शी सोच का सशक्त उदाहरण जल जीवन मिशन है, जिसने ग्रामीण अंचलों की वर्षों पुरानी पेयजल समस्याओं को इतिहास के पन्नों में समेट दिया है। नगर पंचायत पलारी में यह मिशन एक क्रांतिकारी बदलाव के रूप में उभरा है, जहां मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरीश कुमार साहू के मार्गदर्शन में योजनाबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन से “हर घर नल, हर घर जल” का सपना साकार हुआ है।ग्राम पलारी, जो कभी पानी की किल्लत के लिए जाना जाता था, आज स्वच्छ, सुरक्षित और नियमित पेयजल की मिसाल बन चुका है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत आधुनिक तकनीक से पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया गया और प्रत्येक घर को नल कनेक्शन से जोड़ा गया। इस पहल के बाद गांव की तस्वीर ही बदल गई। अब न तो हैंडपंपों पर लंबी कतारें दिखती हैं और न ही मटकों-बाल्टियों के साथ पानी के लिए संघर्ष। घर-घर नल से शुद्ध जल की उपलब्धता ने ग्रामीणों के जीवन में नई ऊर्जा भर दी है।एक समय था जब गर्मी का मौसम पलारी के लिए चिंता और संकट का पर्याय बन जाता था। जलस्तर गिरते ही हैंडपंप सूख जाते थे, और पानी के लिए महिलाओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। रोजी-मजदूरी, घरेलू जिम्मेदारियां और बच्चों की देखभाल के बीच पानी ढोना उनकी मजबूरी थी। आज वही महिलाएं राहत और सम्मान की अनुभूति कर रही हैं। उनका कहना है कि नल जल योजना ने उनकी दिनचर्या को आसान बना दिया है। अब समय और श्रम की बचत हो रही है, जिसे वे परिवार के विकास, बच्चों की पढ़ाई और स्वयं के रचनात्मक कार्यों में लगा पा रही हैं।जल जीवन मिशन ने पलारी में केवल सुविधा नहीं दी, बल्कि स्वास्थ्य और स्वाभिमान भी लौटाया है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में उल्लेखनीय कमी आई है। बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है, चिकित्सा खर्च घटा है और जीवन स्तर में सुधार हुआ है। गांव में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है, जिससे समग्र विकास को गति मिली है।नगर पंचायत पलारी में जल जीवन मिशन आज भरोसे, बदलाव और प्रगति का प्रतीक बन चुका है। यह योजना दर्शाती है कि यदि सरकार की नीयत स्पष्ट हो, प्रशासन की कार्यशैली मजबूत हो और क्रियान्वयन ईमानदार हो, तो ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली जा सकती है। पलारी की यह सफलता कहानी केवल एक गांव की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की झलक है—जहां हर घर में नल है, हर नल में जल है और हर चेहरे पर संतोष व मुस्कान है।

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