हमर छत्तीसगढ़

गणतंत्र की गौरवगाथा का साक्षी बना बालोद स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में भव्य आयोजन, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब रहे मुख्य अतिथि

 

बालोद — छत्तीसगढ़ में गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जिला मुख्यालय बालोद स्थित स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम देशभक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक विविधता के रंगों से सराबोर हो उठा। 26 जनवरी 2026 को आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संविधान के मूल्यों, लोकतांत्रिक चेतना और राष्ट्र के प्रति सामूहिक दायित्व की जीवंत अभिव्यक्ति बनकर सामने आया।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 08:58 बजे माननीय मुख्य अतिथि का स्टेडियम में आगमन हुआ। ठीक 09:00 बजे उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ राष्ट्रगान की गूंज ने वातावरण को गर्व और सम्मान से भर दिया। इसके पश्चात 09:10 बजे परेड का निरीक्षण कर उन्होंने सुरक्षा बलों और टुकड़ियों के अनुशासन, समर्पण और सजगता की सराहना की।09:20 बजे माननीय मुख्यमंत्री का जनता के नाम संदेश का वाचन किया गया, जिसमें राज्य और देश की प्रगति, सामाजिक समरसता तथा विकास की दिशा में साझा प्रयासों पर बल दिया गया। 09:35 बजे हर्ष फायर और 09:40 बजे गुब्बारों की उड़ान ने स्वतंत्रता, आशा और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीकात्मक संदेश दिया। इसके बाद 09:45 बजे मार्चपास्ट और 09:50 बजे परेड व प्लाटून कमांडरों से परिचय कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसने अनुशासन और समन्वय का उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रस्तुत किया।समारोह का भावनात्मक क्षण तब आया जब स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से भेंट कर तथा शहीद परिवारों का सम्मान किया गया। यह सम्मान केवल औपचारिक नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए किए गए सर्वोच्च बलिदान के प्रति कृतज्ञता का सशक्त संदेश था। 10:00 बजे से आरंभ हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों और विद्यार्थियों ने देशभक्ति, लोकसंस्कृति और सामाजिक एकता की भावनाओं को जीवंत प्रस्तुतियों के माध्यम से मंच पर उतारा।10:30 बजे जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें शासन की योजनाओं, जनकल्याणकारी प्रयासों और विकास कार्यों की झलक दिखाई दी। 11:10 बजे राष्ट्रीय धुन के साथ कार्यक्रम ने एकता और अखंडता का संदेश दिया। तत्पश्चात 11:11 बजे उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए, जिससे कर्मठता और ईमानदार सेवा को प्रोत्साहन मिला।समूचा आयोजन सुव्यवस्थित, गरिमामय और प्रेरणादायी रहा। गणतंत्र दिवस समारोह ने यह स्पष्ट किया कि लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की जिम्मेदारी, संवैधानिक मूल्यों में आस्था और राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान की भावना है। बालोद में आयोजित यह समारोह नई ऊर्जा, नए संकल्प और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा के साथ आने वाले भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का संदेश दे गया।

Related Articles

Back to top button