नारी कलम की क्रांतिभाजपा के विष्णु देव साय सरकार की पहल से महिला पत्रकारों का गुजरात विजय अभियान

बालोद:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास की गारंटी वाली भाजपा शासन सत्ता में आज विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ में महिला पत्रकारो को धारदार तलवार बना दिया है। यह कोई साधारण परिवर्तन नहीं, बल्कि एक सुनियोजित क्रांति है जिसने ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को भी निर्भीक आवाज़ दी है। मौजूदा सरकार की दूरदर्शी नीतियों ने महिला पत्रकारों को न केवल सशक्त बनाया, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अनुभव और आत्मविश्वास से लैस किया है।इस क्रांति का सबसे चमकदार प्रमाण हालिया गुजरात अध्ययन भ्रमण है — एक ऐसी ऐतिहासिक पहल जो छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार की देन है। महिला पत्रकारों ने जनसंपर्क विभाग की भूमिका की खुलकर सराहना की, जिसने हर कदम पर सहयोग देकर भ्रमण को यादगार बनाया।विशेष रूप से उल्लेखनीय है बालोद जिला के छोटे से गांव मेड़की की महिला पत्रकार मीनू साहू जो गरीबी रेखा में जीवन यापन करती है उनकी संघर्ष की कहानी है। आर्थिक संकट, सामाजिक बंधन और संसाधनों की कमी के बावजूद ये योद्धा सत्य की खोज में अडिग हैं। विष्णु देव साय सरकार की नीतियों ने इन्हें न केवल प्रोत्साहित किया, बल्कि ऐसे अभियानों के माध्यम से इनकी आवाज़ को राज्य और राष्ट्र तक पहुँचाया है। विदेशी पर्यटकों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम से छत्तीसगढ़ की पहचान इस सरकार की बढ़ती राष्ट्रीय छवि का जीता-जागता सबूत है।यह सरकार जानती है कि सच्चा विकास तब होता है जब हाशिए की आखिरी महिला भी सशक्त हो।इस अभियान ने राज्य की महिला पत्रकारों को गुजरात के उन्नत प्रशासनिक ढांचे, सहकारिता मॉडल और तकनीकी नवाचारों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया। यह यात्रा कोई पर्यटन नहीं थी, बल्कि एक रणनीतिक कदम था जिसने पत्रकारों की दृष्टि को विस्तार दिया और उनकी लेखनी को और पैना बनाया।जनसंपर्क विभाग की सक्रिय और कुशल भूमिका ने पूरे भ्रमण को सुचारु, व्यवस्थित और स्मरणीय बनाया। सरकार की इस अनोखी सोच ने साबित कर दिया कि जब राज्य की सत्ता महिलाओं के विकास को प्राथमिकता देती है, तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं।मुख्यमंत्री निवास में हुई इस भेंट ने सरकार की प्रतिबद्धता को और उजागर किया। विष्णु देव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जहाँ कभी समाज ने महिलाओं को रसोई की आग और घरेलू जंजीरों में कैद रखा था परंतु आज वही महिला पत्रकारिता समाज की अंतिम पंक्ति की आवाज़ है, और उनकी सरकार इस आवाज़ को बुलंद करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने जोर दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी सच के लिए डटे रहना ही सच्ची पत्रकारिता है, और उनकी सरकार ऐसी पत्रकारों को हर संरक्षण और प्रोत्साहन देगी। अध्ययन भ्रमण जैसी योजनाएँ ठोस प्रमाण हैं कि यह सरकार केवल घोषणाएँ नहीं करती, बल्कि अमल करती है।
भ्रमण से लौटीं पत्रकारों ने एक स्वर में सरकार की इस क्रांतिकारी पहल की प्रशंसा की। कई के लिए यह पहली उड़ान थी, जो आत्मबल की नई ऊँचाइयाँ छूने का प्रतीक बनी। बालोद की मीना साहू और राजनांदगांव की मीरा साहू ने बताया कि गुजरात विधानसभा में आमजन की भागीदारी, सोमनाथ की आध्यात्मिक ऊर्जा और पोरबंदर की गांधीवादी विरासत ने उनकी सोच को नया आयाम दिया। यह भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि महिला पत्रकारिता के लिए एक नया युग है। विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब नारी शक्ति का प्रतीक बन रहा है। जब सरकार महिलाओं की कलम को धार देती है, तो लोकतंत्र स्वतः मजबूत होता है। यह यात्रा भावी पीढ़ियों के लिए एक मशाल बनेगी, जो साबित करेगी कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही नेतृत्व से कोई भी बंधन टूट सकता है।



