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बालोद की पावन धरती पर सजेगा श्याम धाम 29 जनवरी को भव्य खाटू श्याम जी मंदिर का भूमि पूजन, भक्ति–आस्था का नया सूर्योदय

 

बालोद :-छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। पाररास बाई पास रोड बालोद जिलामुख्यालय की पावन भूमि पर पहली बार परम कृपालु, हारे के सहारे बाबा खाटू श्याम जी का भव्य मंदिर आकार लेने जा रहा है। यह केवल ईंट–पत्थरों से बनने वाला एक ढांचा नहीं, बल्कि भक्ति, विश्वास, श्रद्धा और आत्मिक शांति का जीवंत केंद्र होगा, जहाँ हर भक्त अपने जीवन की पीड़ा, प्रार्थना और आशा को श्याम बाबा के चरणों में अर्पित कर सकेगा।श्याम बाबा की असीम कृपा से यह पुण्य कार्य स्वर्गीय श्रीमती बिष्णुबाई साहू की पावन स्मृति में प्रारंभ किया जा रहा है। यह मंदिर उनकी स्मृतियों को श्रद्धा की शाश्वत ज्योति में परिवर्तित करेगा, जो आने वाली पीढ़ियों तक भक्तों का मार्गदर्शन करती रहेगी। बाबा श्याम का यह धाम बालोद के धार्मिक मानचित्र को नई पहचान देगा और जिले को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत करेगा।इस ऐतिहासिक और भावनात्मक अवसर पर 29 जनवरी 2026, गुरुवार को मंदिर निर्माण हेतु भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11 बजे से होगा। कार्यक्रम स्थल – पाररास बायपास, बालोद (छत्तीसगढ़) निर्धारित किया गया है। वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान और शास्त्रीय परंपराओं के साथ भूमि पूजन संपन्न कराया जाएगा, जिससे संपूर्ण वातावरण श्याम नाम के संकीर्तन और भक्ति रस से सराबोर हो उठेगा।बाबा खाटू श्याम जी को कलयुग के देवता के रूप में जाना जाता है। वे आस्था की वह शक्ति हैं, जो टूटे मन को संबल देती है, हारे हुए को जीत का विश्वास दिलाती है और अंधकार में आशा का दीप प्रज्वलित करती है। यही कारण है कि श्याम भक्तों में इस मंदिर निर्माण को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। बालोद ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है, जिससे यह आयोजन भक्ति की विशाल धारा का रूप ले लेगा।यह मंदिर भविष्य में धार्मिक आयोजनों, भजन–कीर्तन, आध्यात्मिक महोत्सव और श्याम संकीर्तन जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहाँ आने वाला हर श्रद्धालु केवल दर्शन नहीं करेगा, बल्कि अपने भीतर विश्वास, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार अनुभव करेगा। यह धाम समाज को जोड़ने, सेवा, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।आयोजक मंडल का कहना है कि यह आयोजन किसी एक परिवार या समूह तक सीमित नहीं, बल्कि समस्त श्याम प्रेमियों और नगरवासियों की सामूहिक आस्था का प्रतीक है। यह मंदिर निर्माण बालोद जिले में भक्ति और अध्यात्म के नए युग की आधारशिला सिद्ध होगा। यहाँ हर वर्ग, हर उम्र और हर मनुष्य के लिए श्याम बाबा का आशीर्वाद समान रूप से उपलब्ध रहेगा।आयोजकों ने समस्त श्याम प्रेमियों, श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों से अपील की है कि वे सपरिवार इस शुभ अवसर पर उपस्थित होकर भूमि पूजन के साक्षी बनें और पुण्य लाभ अर्जित करें। बाबा श्याम के चरणों में शीश नवाकर प्रसाद ग्रहण करने और इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने का यह दुर्लभ अवसर सभी के लिए खुला है।

विनीत एवं आयोजक
समस्त श्याम प्रेमी, नगरवासी बालोद
जय श्री श्याम!

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