हमर छत्तीसगढ़

अमित बघेल ने किया शुभारंभ, ग्रामीण क्षेत्र में आपात स्थिति के दौरान मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में मिलेगी सुविधा

हल्दी में जनसेवा की नई पहल, स्वर्गीय धीरलाल-कृति बाई की स्मृति में निःशुल्क एंबुलेंस शुरू

संपादक:- मीनू साहू 

बालोद/हल्दी। ग्राम हल्दी में रविवार को सामाजिक सेवा से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। स्वर्गीय धीरलाल गजेंद्र एवं स्वर्गीय कृति बाई गजेंद्र की पावन स्मृति में ग्रामीणों के लिए निःशुल्क एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी रही। सेवा का उद्देश्य जरूरत के समय मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। ग्राम हल्दी में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमित बघेल, केंद्रीय अध्यक्ष जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, छत्तीसगढ़ प्रदेश रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जी. अनूप यादव, प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ क्रांति सेना ने की। विशेष अतिथि के रूप में शशिभूषण चंद्राकर, प्रदेश सचिव छत्तीसगढ़ क्रांति सेना शामिल हुए।कार्यक्रम में सोमन साहू, जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ क्रांति सेना जिला बालोद, गंगा निषाद, अध्यक्ष जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी जिला बालोद तथा दानी साहू, उपाध्यक्ष जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी जिला बालोद की उपस्थिति रही।

अमित बघेल ने जनसेवा को बताया महत्वपूर्ण कदम

मुख्य अतिथि अमित बघेल ने एंबुलेंस सेवा के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति के दौरान समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी होता है। उनके अनुसार, किसी परिवार के सामने अचानक ऐसी परिस्थिति आने पर वाहन की व्यवस्था बड़ी चुनौती बन सकती है। उन्होंने इस पहल को जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने वाली सामाजिक व्यवस्था बताते हुए सेवा को निरंतर संचालित रखने की बात कही।उन्होंने कहा कि दिवंगत माता-पिता की स्मृति को केवल आयोजन तक सीमित रखने के बजाय समाज के काम आने वाली व्यवस्था से जोड़ना एक सार्थक प्रयास है। एंबुलेंस का लाभ आर्थिक स्थिति से परे जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचे, यही इस सेवा की मूल भावना होनी चाहिए।

स्मृति को सेवा से जोड़ा

आयोजक एवं ग्राम हल्दी निवासी समाजसेवी किशन गजेंद्र की ओर से यह पहल शुरू की गई। स्वर्गीय धीरलाल गजेंद्र एवं स्वर्गीय कृति बाई गजेंद्र की स्मृति में शुरू की गई व्यवस्था ग्रामीणों के लिए आपातकालीन परिवहन का माध्यम बनेगी।ग्रामीण अंचलों में कई परिवारों के सामने अचानक बीमारी, दुर्घटना अथवा गंभीर स्वास्थ्य परिस्थिति आने पर मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाने की समस्या खड़ी हो जाती है। निजी वाहन नहीं होने की स्थिति में समय पर साधन मिलना मुश्किल होता है। ऐसे समय में निःशुल्क एंबुलेंस उपलब्ध होना परिवार के लिए राहत का माध्यम बन सकता है।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पहल से जुड़ी व्यवस्था को लेकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। आयोजन के दौरान दिवंगत धीरलाल गजेंद्र और कृति बाई गजेंद्र को स्मरण करते हुए उनके नाम से शुरू की गई सेवा को जनहित से जोड़ा गया।अब इस व्यवस्था की प्रभावशीलता उसके नियमित संचालन और जरूरत के समय उपलब्धता से तय होगी। ग्रामीणों को आपात स्थिति में सूचना देने के बाद कितनी जल्दी सुविधा मिलती है, सेवा का संचालन किस क्षेत्र तक रहेगा और जरूरतमंद मरीजों को किस प्रकार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा।हल्दी में शुरू हुई यह एंबुलेंस सेवा सामाजिक स्मृति को जनहित से जोड़ने का प्रयास है। कार्यक्रम में शामिल अतिथियों और ग्रामीणों ने पहल की सराहना करते हुए इसे निरंतर उपयोगी बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। आयोजन का समापन दिवंगत माता-पिता की स्मृति और ग्रामीणों की सेवा के संकल्प के साथ हुआ।

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