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मरकाटोला घाट का दर्दनाक हादसा छह मौतों से दहला बालोद, आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार विभाग? कांग्रेसी नेता प्रकाश नाहटा ने जताया गहरा दुख, सड़क सुरक्षा और जवाबदेही पर उठाए सवाल

बालोद जिले के मरकाटोला घाट में सड़क किनारे खराब खड़ी स्वराज माजदा को गेहूं से भरे 16 पहिया ट्रक ने पीछे से मारी टक्कर, छह लोगों की मौत और सात घायल उपचाररत; वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रकाश नाहटा ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दुर्घटना की निष्पक्ष जांच, फरार चालक की गिरफ्तारी और सड़क सुरक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग की।

संपादक:- मीनू साहू 

बालोद/गुंडरदेही :- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में मरकाटोला घाट के पास हुई भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। छह लोगों की असमय मौत और सात लोगों के घायल होने की घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सुरक्षा, भारी वाहनों की निगरानी तथा दुर्घटना रोकने के लिए जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुंडरदेही के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रकाश नाहटा ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत पीड़ादायक घटना बताया।प्रकाश नाहटा ने कहा कि निर्दोष यात्रियों की इस तरह जान जाना केवल प्रभावित परिवारों की व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरी पीड़ा का विषय है। जिन घरों में अपनों के लौटने की प्रतीक्षा थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। उन्होंने शोकसंतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

खराब वाहन बना मौत का शिकार, पीछे से टक्कर मारकर पलटा ट्रक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कवर्धा से जगदलपुर की ओर जा रही स्वराज माजदा वाहन क्रमांक CG10BU7174 मरकाटोला घाट में खराब होने के कारण सड़क किनारे खड़ी थी। वाहन में सवार दो व्यक्ति मैकेनिक लेने धमतरी की ओर गए थे, जबकि उसमें कुल 13 लोग सवार थे।इसी दौरान रायपुर से जगदलपुर की ओर जा रहे गेहूं से भरे 16 पहिया टाटा ट्रक क्रमांक CG04QY5947 के चालक ने कथित रूप से लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाते हुए खड़ी माजदा को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक माजदा को घसीटते हुए कुछ दूरी तक ले गया और बाद में स्वयं भी पलट गया।दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 11 घायलों को जिला अस्पताल धमतरी भेजा गया। उपचार के दौरान चार और लोगों ने दम तोड़ दिया। इस प्रकार अब तक छह लोगों की मृत्यु हो चुकी है तथा सात घायलों का उपचार जारी है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।

प्रकाश नाहटा का कथन सड़क सुरक्षा में लापरवाही की जवाबदेही तय हो

प्रकाश नाहटा ने कहा कि सड़क पर चलने वाले प्रत्येक नागरिक का जीवन अनमोल है। भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही, चालक की कथित लापरवाही और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। संबंधित विभागों को केवल दुर्घटना के बाद सक्रिय होने के बजाय पहले से सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।उन्होंने कहा कि यदि संवेदनशील घाट मार्गों पर पर्याप्त चेतावनी संकेत, रात्रिकालीन दृश्यता, सुरक्षित पार्किंग स्थल और प्रभावी यातायात निगरानी उपलब्ध नहीं है, तो यह व्यवस्था संभालने वाले अधिकारियों की कार्यप्रणाली की गंभीर समीक्षा का विषय है। सड़क किनारे खराब वाहनों के लिए सुरक्षित स्थान और चेतावनी व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि तकनीकी खराबी किसी परिवार की जिंदगी उजाड़ने का कारण न बने।

फरार चालक की गिरफ्तारी और दुर्घटना की निष्पक्ष जांच की मांग

नाहटा ने संबंधित पुलिस एवं परिवहन विभाग से दुर्घटना की निष्पक्ष जांच कर फरार ट्रक चालक को तत्काल गिरफ्तार करने, वाहन के दस्तावेजों और तकनीकी स्थिति की जांच कराने तथा दुर्घटना के वास्तविक कारण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने घायलों को समुचित चिकित्सा सुविधा और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा कि छह मौतों के बाद महज औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।प्रकाश नाहटा ने अंत में कहा कि विकास का अर्थ केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि उन सड़कों पर सुरक्षित जीवन की गारंटी भी है। मरकाटोला घाट की यह त्रासदी प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए चेतावनी है कि जनसुरक्षा में किसी भी स्तर की लापरवाही को हल्के में न लिया जाए।

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