हमर छत्तीसगढ़

गांधी जयंती पर शराब का धंधा कंचान्दूर में बापू के सिद्धांतों की खुलेआम हत्या,

गुण्डरदेही पुलिस की नाकामी उजागर

संपादक:- मीनू साहू 

बालोद। आज 2 अक्टूबर को पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर नशा मुक्ति का संकल्प ले रहा है, शासन ने इस दिन को शुष्क दिवस घोषित कर जिले की समस्त शराब दुकानें बंद रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। ठीक बीती रात इसी आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए गुण्डरदेही थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कंचान्दूर में शराब तस्करी का घिनौना खेल चला। दो युवक मोटरसाइकिल पर अवैध शराब भरकर गांव में बिक्री के लिए ले जा रहे थे, यह वायरल वीडियो प्रशासन की लचर व्यवस्था पर करारा तमाचा है।

रात के अंधेरे में CG 24 T 5286 नंबर की लाल-काली TVS बाइक पर सवार तस्करों ने Reebok कंपनी के बैग में पाउच और शीशियां ठूंस रखी थीं। बैग का चैन खोलते ही नशे का जखीरा बाहर आया। यह दृश्य साबित करता है कि इन तत्वों के मन में कानून का रत्तीभर भी खौफ नहीं है। जिस दिन गांधी जी ने शराब को तन और आत्मा दोनों के लिए विष बताया था, उसी पवित्र दिन को इन सौदागरों ने मुनाफा कमाने का जरिया बना लिया। यह केवल आबकारी अधिनियम का उल्लंघन नहीं, बल्कि समाज के चरित्र पर सीधा हमला है।

सबसे शर्मनाक बात यह है कि यह कारोबार मुख्य मार्ग पर बेखौफ हो रहा है। कंचान्दूर पंचायत गुण्डरदेही थाना से चंद किलोमीटर की दूरी पर है, फिर भी शुष्क दिवस की विशेष गश्त का दावा खोखला साबित हुआ। अगर पुलिस की रात्रि पेट्रोलिंग सक्रिय होती तो तस्कर इस तरह गांव-गांव घूमने की हिम्मत नहीं करते। इससे स्पष्ट है कि जमीनी स्तर पर निगरानी केवल कागजों में है।

ग्रामीणों के अनुसार त्योहारों पर इस क्षेत्र में अवैध बिक्री का ग्राफ अचानक बढ़ जाता है। युवा पीढ़ी को नशे की खाई में धकेल कर गांव की शांति भंग की जा रही है। शासन का नशा मुक्ति अभियान केवल दुकानों पर ताला लगाने तक सीमित रह गया है, जबकि असली रोकथाम गांव के भीतर होनी चाहिए।

मांग है कि पुलिस अधीक्षक बालोद इस फोटो को संज्ञान में लेकर वाहन स्वामी की पहचान करें, बाइक जब्त कर बैग में रखी शराब की गिनती कराएं और स्रोत की जांच कर पूरे नेटवर्क पर अपराध पंजीबद्ध करें। यदि गांधी जयंती की रात ही इस तरह खुलेआम बिक्री होती रही तो शुष्क दिवस का आदेश जनता के साथ छलावा ही माना जाएगा।

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