लोकमंच से छत्तीसगढ़ी सिनेमा तक अपनी अलग पहचान बनाने वाले राष्ट्रीय कलाकार पप्पू चंद्राकर की प्रस्तुति को लेकर क्षेत्र में उत्साह
जनसंपर्क विभाग के मंचीय कार्यक्रम 5 अक्टूबर को सांकरा बंगला में पप्पू चंद्राकर ‘गम्मतिहा मचायेगा धमाल

संपादक:- मीनू साहू
बालोद/सांकरा बंगला। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, हास्य-व्यंग्य और मंचीय कला को अपनी खास अदायगी से देशभर में पहचान दिलाने वाले राष्ट्रीय कलाकार पप्पू चंद्राकर ‘गम्मतिहा’ एक बार फिर अपने ही अंचल की धरती पर दर्शकों के सामने होंगे। 5 अक्टूबर को सांकरा बंगला जिला बालोद में जनसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित मंचीय कार्यक्रम में पप्पू चंद्राकर की प्रस्तुति खास आकर्षण का केंद्र रहने वाली है। लोकमंच से लेकर छत्तीसगढ़ी फिल्मों तक अपनी अलग पहचान बना चुके इस कलाकार की प्रस्तुति को लेकर क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल है।पप्पू चंद्राकर का नाम छत्तीसगढ़ी गम्मत और मंचीय कला की उस परंपरा से जुड़ा है, जिसमें कलाकार केवल संवाद नहीं बोलता, बल्कि अपनी आवाज, हाव-भाव, अभिनय और हास्य की धार से पूरे माहौल को जीवंत कर देता है। उनकी प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ी बोली की मिठास के साथ ग्रामीण जीवन की सहजता और मंचीय अभिनय की प्रभावी चमक दिखाई देती है।
5 अक्टूबर का सांकरा बंगला कार्यक्रम इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि मंच पर वही कलाकार मौजूद होंगे, जिन्होंने लोककला की जमीन से उठकर छत्तीसगढ़ी सिनेमा में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। गम्मत के पारंपरिक मंच से लेकर फिल्मी पर्दे तक का उनका सफर छत्तीसगढ़ी कला-जगत की व्यापक यात्रा को भी सामने रखता है।
पप्पू चंद्राकर की खासियत यह है कि वे दर्शकों से दूरी बनाकर प्रस्तुति नहीं देते, बल्कि अपनी भाषा और अंदाज से सीधे संवाद कायम करते हैं। उनकी अदायगी में हास्य के साथ परिस्थितियों को पकड़ने की क्षमता दिखाई देती है। यही कारण है कि मंच पर उनकी मौजूदगी आते ही दर्शकों की निगाहें प्रस्तुति पर टिक जाती हैं।आज जब मनोरंजन की दुनिया तेजी से डिजिटल हो रही है, उस दौर में लोकमंच की जीवंत परंपरा को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाना अपने आप में महत्वपूर्ण सांस्कृतिक काम है। पप्पू चंद्राकर जैसे कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी भाषा और लोकशैली को मंच तथा सिनेमा दोनों जगह मजबूती से प्रस्तुत किया है।
सांकरा बंगला में 5 अक्टूबर का मंच इसलिए महज एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी लोककला और आधुनिक मंचीय मनोरंजन के संगम का अवसर बनने जा रहा है। जनसंपर्क विभाग के इस आयोजन में पप्पू चंद्राकर ‘गम्मतिहा’ की प्रस्तुति दर्शकों को हंसी, अभिनय और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंगों से जोड़ने वाली होगी।



