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कलंगपुर में किसानों के लिए स्थानीय कृषि बाजार बना सहारा, विकास कृषि केंद्र दे रहा जरूरी सामग्री की सुविधा

खेती के सीजन में खाद, बीज और कृषि सामग्री की स्थानीय उपलब्धता से किसानों को राहत, संचालक भीखम जैन ने गुणवत्ता को बताया प्राथमिकता

प्रधान संपादक:- सुनील शर्मा

संपादक:- मीनू साहू

बालोद/गुंडरदेही: बालोद जिले के गुंडरदेही तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत कलंगपुर में कृषि गतिविधियों को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिल रही है। खेती-किसानी से जुड़े किसानों को समय पर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में क्षेत्र के कृषि केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इनमें विकास कृषि केंद्र कलंगपुर भी शामिल है, जिसके संचालक भीखम जैन हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में खेती का पूरा चक्र मौसम और समय पर निर्भर करता है। बुआई के समय बीज और खाद की जरूरत होती है, वहीं फसल बढ़ने के दौरान पोषण एवं संरक्षण से संबंधित सामग्री की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में गांव या आसपास ही कृषि सामग्री उपलब्ध होने से किसानों को दूर-दराज के बाजारों पर निर्भरता कम करने में सुविधा मिलती है।

स्थानीय बाजार से समय और परिवहन खर्च की बचत

किसानों के लिए स्थानीय कृषि केंद्र केवल सामग्री खरीदने का स्थान नहीं, बल्कि कृषि जरूरतों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सुविधा भी बनते हैं। कलंगपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को कृषि संबंधी सामग्री के लिए अन्य बाजारों तक जाने में लगने वाले समय और परिवहन खर्च से राहत मिल सकती है।विकास कृषि केंद्र के माध्यम से किसानों को खेती से संबंधित विभिन्न आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे कृषि सीजन में जरूरी सामान की उपलब्धता स्थानीय स्तर पर बनी रहती है।

गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी

विकास कृषि केंद्र के संचालक भीखम जैन का कहना है कि किसानों के लिए कृषि सामग्री की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण विषय है। सही उत्पाद का चयन और निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग खेती के लिए अहम है।किसानों को भी कृषि सामग्री खरीदते समय बिल अवश्य लेना चाहिए। साथ ही उत्पाद का लेबल, बैच नंबर, निर्माण एवं वैधता संबंधी जानकारी तथा उपयोग की विधि को ध्यान से देखना चाहिए। इससे किसान अपने हितों के प्रति अधिक जागरूक रह सकते हैं।

मजबूत कृषि बाजार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति

कृषि केवल किसान तक सीमित गतिविधि नहीं है। इसके साथ खाद-बीज विक्रेता, वितरक, परिवहन और अन्य स्थानीय व्यवसाय भी जुड़े होते हैं। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्थित कृषि बाजार का विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।कलंगपुर में कृषि केंद्रों की उपलब्धता किसानों के लिए स्थानीय सुविधा का आधार तैयार कर रही है। यदि गुणवत्ता, पारदर्शिता और किसान सेवा को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाता रहे, तो कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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