धमतरी–गुंडरदेही मार्ग पर दौड़ रहे ‘यमराज’, भूसा लदे वाहनों के आतंक पर प्रशासन मौन!
ओवरलोडिंग और हादसों की शिकायतों से सड़क सुरक्षा पर सवाल, कथित परिवहन नेटवर्क की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

संपादक:- मीनू साहू
बालोद:- धमतरी–गुंडरदेही मार्ग पर राइस मिलों से भूसा भरकर दौड़ रहे भारी वाहन अब राहगीरों के लिए खतरे की घंटी बनते जा रहे हैं। असुरक्षित परिवहन और यातायात नियमों के कथित उल्लंघन के बीच इन वाहनों को स्थानीय लोग ‘सड़क पर दौड़ते यमराज’ कहने लगे हैं। सवाल है कि आखिर प्रशासन की निगरानी में इतनी बड़ी चूक कैसे हो रही है और जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के लिए किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कलंगपुर निवासी जसराज जैन उर्फ जस्सू का नाम इस परिवहन नेटवर्क से जुड़कर सामने आ रहा है। सूत्रों का दावा है कि उनके अधीन लगभग 25 से 30 वाहन संचालित होते हैं। हालांकि, वाहनों के स्वामित्व, संचालन और नियमों के उल्लंघन से संबंधित इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाएं।
चार-पांच लोगों के हादसों का शिकार होने की चर्चा
स्थानीय स्तर पर जानकारी सामने आई है कि इन वाहनों से जुड़े हादसों में चार-पांच लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। दुर्घटनाओं की वास्तविक संख्या, जनहानि और संबंधित वाहनों की भूमिका पुलिस रिकॉर्ड से स्पष्ट होनी चाहिए। यदि इन घटनाओं में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो जिम्मेदार वाहन संचालकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।सड़क पर भारी मात्रा में भूसा लादकर चलने वाले वाहनों की लोडिंग, दृश्यता, फिटनेस और भार क्षमता की जांच जरूरी है। परिवहन नियमों की अनदेखी से किसी निर्दोष की जान जाती है, तो उसकी जवाबदेही तय होना भी उतना ही आवश्यक है।
नए थाना प्रभारी की सख्ती के बाद ढिलाई क्यों?
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि नए थाना प्रभारी के आने पर कुछ दिनों तक वाहन जांच और सख्ती दिखाई देती है, लेकिन बाद में कार्रवाई की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। यदि ऐसा है, तो पुलिस अधीक्षक को संबंधित थाना क्षेत्रों की कार्रवाई, वाहन जांच और दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करनी चाहिए।नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को किसी स्तर पर संरक्षण मिलने की आशंका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बिना प्रमाण किसी अधिकारी पर मिलीभगत का आरोप उचित नहीं, लेकिन शिकायतों की अनदेखी करना भी प्रशासनिक जवाबदेही से बचने जैसा होगा।
हादसे से पहले कार्रवाई करे प्रशासन
पुलिस, परिवहन विभाग और यातायात अमले को संयुक्त अभियान चलाकर भूसा लदे वाहनों के परमिट, फिटनेस, बीमा, भार क्षमता और चालकों के दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए। ओवरलोडिंग अथवा असुरक्षित परिवहन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।धमतरी–गुंडरदेही मार्ग पर आम नागरिकों की सुरक्षा किसी भी कारोबारी हित से ऊपर है। प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि सड़क पर कानून का राज है या नियमों की अनदेखी करने वालों का। रहते सख्ती नहीं हुई, तो किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?



