खोरदो में रामनाम के मंच से शिक्षा को मिली नई दीवार, संध्या साहू ने 8 लाख के निर्माण का दिया तोहफा
जनता की छोटी मांग को बड़े मंच से पूरा करना ही सच्चा जनप्रतिनिधित्व है।

संपादक:- मीनू साहू
बालोद/गुरुर :-बालोद जिला में विकासखंड गुरुर के ग्राम खोरदो में चल रहे त्रि-दिवसीय रामधुनि प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर ऐसा क्षण आया जब धर्म और विकास एक ही मंच पर मिल गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंची क्षेत्र की सक्रिय जनपद सदस्य श्रीमती संध्या अजेंद्र साहू ने ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या का समाधान कर दिया। उन्होंने प्राथमिक शाला के लिए 8 लाख रुपये की लागत से बनने वाली बाउंड्रीवाल की घोषणा की।खोरदो की प्राथमिक शाला में वर्षों से चहारदीवारी नहीं थी। ग्रामीणों ने कई बार आवेदन, निवेदन किया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। खुले मैदान में बच्चों की कक्षा लगती, सुरक्षा का संकट बना रहता। इस पीड़ा को समझते हुए संध्या साहू ने पहल की। उन्होंने स्वयं कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर वस्तुस्थिति रखी और बजट स्वीकृत कराया। यह सफलता उनके निरंतर प्रयास का परिणाम है।घोषणा होते ही पूरे पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। उपस्थित बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने कहा कि अब हमारे बच्चों को सुरक्षित परिसर मिलेगा। यह केवल दीवार नहीं, भरोसे की दीवार है। सभी ने एक स्वर में संध्या अजेंद्र साहू को आभार कहा।ग्रामीणों ने भावुक होते हुए कहा, जब भी खोरदो में रामधुन सजती है, संध्या जी का आगमन विकास की सौगात लेकर आता है। उनके आने से गांव में सकारात्मक ऊर्जा आती है। वे सिर्फ अतिथि बनकर नहीं आतीं, बल्कि अपने साथ कोई न कोई योजना लेकर आती हैं।खोरदो वासियों ने कहा कि हमें उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना है और हम चाहते हैं कि वे इसी तरह क्षेत्र का नेतृत्व करें। जनपद क्षेत्र क्रमांक 8 में पिछले 7 वर्षों से उनकी सेवा निरंतर जारी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी और संस्कृति के क्षेत्र में उनका योगदान सभी ने देखा है।आयोजन समिति ने भी इस घोषणा को रामधुन का प्रसाद बताया। समिति के सदस्यों ने कहा कि भगवान राम के नाम पर हो रहे आयोजन में शिक्षा के मंदिर की रक्षा के लिए दीवार मिलना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। इससे विद्यालय की सुंदरता बढ़ेगी और अनुशासन भी मजबूत होगा।अंत में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो और गुणवत्ता में कोई कमी न रहे। यह 8 लाख की राशि खोरदो के बच्चों के भविष्य में निवेश है।



